Tata Motors के खिलाफ श्रम विभाग जाने की तैयारी में टेल्को वर्कर्स यूनियन
Jamshedpur (Jharkhand) : टाटा मोटर्स में टीएमएसटी (TMST) और एफटीए (FTA) कर्मियों के नियोजन को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता दिख रहा है। टेल्को वर्कर्स यूनियन ने Tata Motors प्रबंधन के फैसले का कड़ा विरोध करते हुए इसे श्रमिक हितों के खिलाफ बताया है। यूनियन का कहना है कि कंपनी इन कर्मियों को सीधे टाटा मोटर्स के रोल पर रखने के बजाय बाहरी एजेंसी के माध्यम से नियुक्त करने की योजना बना रही है।
टेल्को वर्कर्स यूनियन के नेता हर्षवर्धन ने प्रेस बयान जारी कर बताया कि टाटा मोटर्स (Tata Motors) प्रबंधन द्वारा हाल ही में एक नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस के अनुसार टीएमएसटी और एफटीए कर्मियों को पहले मेटाट्रॉनिक्स में डिप्लोमा कराया जाएगा, इसके बाद उन्हें क्वेस कॉर्प लिमिटेड नामक बाहरी कंपनी के माध्यम से नियोजित किया जाएगा।
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हर्षवर्धन ने स्पष्ट रूप से कहा कि यूनियन इस फैसले को स्वीकार नहीं करेगी। उनका आरोप है कि यह प्रक्रिया स्थायी नियोजन से बचने और श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर श्रम विभाग, झारखंड में जल्द ही औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
यूनियन ने प्रबंधन से मांग की है कि टीएमएसटी और एफटीए कर्मियों को सीधे टाटा मोटर्स के रोल पर रखा जाए, ताकि उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान अधिकार और सुविधाएं मिल सकें।




