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अमेरिकी उडैरी बेस पर IRGC का ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला, सैन्य ठिकाने पर भारी तबाही

IRGC Udairi Base Attack

IRGC Udairi Base Attack : ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि संयुक्त ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल ऑपरेशन में अमेरिकी हेलीकॉप्टर बेस के मेंटेनेंस सेंटर, फ्यूल टैंक और कमांड बिल्डिंग को निशाना बनाया गया।

NewsBee: ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) की नौसेना ने रविवार तड़के अमेरिकी सैन्य ठिकाने उडैरी बेस (IRGC Udairi Base Attack) पर संयुक्त ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया है। इस हमले में अमरीका का बड़ा नुकसान हुआ है।

आईआरजीसी की तरफ से बताया गया है कि ( IRGC Udairi Base Attack) इस ऑपरेशन में ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का एक साथ इस्तेमाल किया गया और अमेरिकी बलों द्वारा हेलीकॉप्टर संचालन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उडैरी बेस को निशाना बनाया गया।

बयान में कहा गया है कि आईआरजीसी की बैलिस्टिक मिसाइल यूनिट ने बेस के हेलीकॉप्टर तैयारी और मेंटेनेंस सेंटर, हेलीकॉप्टर व विमान के लिए बनाए गए ईंधन भंडारण टैंक और कमांड बिल्डिंग पर सटीक हमला किया। इस हमले में इन प्रमुख सैन्य सुविधाओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

आईआरजीसी के मुताबिक हमले के बाद बेस परिसर में भीषण आग लग गई और वहां से घना काला धुआं उठता देखा गया, जो दूर से भी नजर आ रहा था।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 28 फरवरी को ईरान की इस्लामिक क्रांति के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की शहादत के बाद अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया है। इन हमलों में ईरान के कई सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। अमरीका के एक हमले में मिनाब शहर में एक एलीमेंट्री स्कूल पर 165 मासूम छात्राओं की हत्या कर दी गई।

इसके जवाब में ईरानी सशस्त्र बल क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमले कर रहे हैं।

सोमवार की रात को आईआरजीसी ने इसराइल की राजधानी तेलअबीब को निशाना बनाया है। इस हमले में एक पार्किंग स्लॉट पर आग लग गई है। इस पार्किंग में सैकड़ों लोग सायरन बजने के बाद पनाह लिए हुए थे। यही नहीं, एक फैक्ट्री पर भी मिसाइल गिरने से काफी नुकसान हुआ है।

इसे भी पढ़ें – Iran Security Chief: क्या 500 अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद भी ‘America First’?

भारतीय पत्रकार बृजमोहन भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इसराइल की यात्रा पर गए थे। प्रधानमंत्री तो भारत लौट आए मगर, कई पत्रकार अचानक युद्ध शुरू होने की वजह से इसराइल में फंस गए थे। बाद में यह लोग जार्डन की राजधानी अम्मान होते हुए भारत पहुंचे। बृजमोहन ने भारत पहुंचने पर बताया कि इसराइल में बेहद खराब हालात हैं। सरकार मिसाइल हमलों में मारे गए लोगों की तस्वीर नहीं लेने देती। किसी पत्रकार को अस्पताल नहीं जाने देती।

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