Tehran : ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर तीन मोर्चों से एक साथ बड़े हमले किए हैं। IRGC ने यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई के जवाब (Iran America War)में की गई।
IRGC ने पहले चरण में बहरीन के अल-साखिर एयर बेस पर अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रोन रखरखाव और मरम्मत हैंगरों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया, जिससे उन्हें भारी नुकसान (Iran America War) पहुंचा।
दूसरे चरण में बहरीन के पोर्ट सलमान स्थित टास्क फोर्स-59 (TF59) के जहाजों की तैयारी के लिए बनाए गए हैंगरों पर हमला किया गया। ईरान का दावा है कि इस कार्रवाई में कई सैन्य सुविधाएं और पोत क्षतिग्रस्त हुए।
तीसरे चरण में कुवैत के कैंप आरिफजान में अमेरिकी विशेष नौसैनिक कमांडो बलों के ठिकानों, सहायता और उपकरण केंद्रों को निशाना बनाया गया। IRGC का कहना है कि इस हमले में इन सुविधाओं को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
IRGC के अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका के खिलाफ उसकी जवाबी कार्रवाई अभी जारी है और मिसाइलों तथा ड्रोन के जरिए अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं।
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इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर भी IRGC ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि ईरान के पास अब सीमित संख्या में ही मिसाइल और ड्रोन बचे हैं। IRGC ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि यदि संघर्ष लंबे समय तक भी चलता है तो ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता लगातार जवाब देने में सक्षम है।




