Tehran : ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के बीच कई तथ्य सामने आए हैं। ईरान ने अमेरिकी हमलों के बाद जास्क (Jask) जल विलवणीकरण संयंत्र (Water Desalination Plant) को 48 घंटे के भीतर दोबारा चालू कर दिया गया है, जिससे करीब 10 हजार नागरिकों को फिर से पेयजल उपलब्ध (Iran America War) कराया जा रहा है।
ईरान ने एक और अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। ईरान ने पिछले 48 घंटों में यह चौथा MQ-9 ड्रोन है जिसे उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने नष्ट किया है। ईरान में अब तक कुल 30 से अधिक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन गिराए (Iran America War) जा चुके हैं।
ईरानी सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका ने बड़ी संख्या में MQ-9 ड्रोन क्षेत्र में तैनात किए हैं। वहीं यह भी दावा किया गया कि अमेरिकी टैंकर अधिकांश मध्य-पूर्वी देशों से हट गए हैं, जिससे अमेरिकी लड़ाकू विमानों के लंबे अभियानों पर असर पड़ सकता है।
इस बीच ईरान ने आरोप लगाया कि उसकी जवाबी कार्रवाई में कुवैत के एक और बिजली संयंत्र और जल विलवणीकरण केंद्र को निशाना बनाया गया, जिसके बाद वहां आपातकाल घोषित किया गया।
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका ने पिछली रात ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने से परहेज किया। उनका दावा है कि यह फैसला ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर संभावित हमले की चेतावनी के बाद लिया गया।
ईरान ने यह भी कहा कि उसने फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अमेरिकी गतिविधियों के जवाब में अपनी सैन्य कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। इसमें ड्रोन हमले, वायु रक्षा अभियानों और होर्मुज जलडमरूमध्य पर कड़ी निगरानी जैसे कदम शामिल हैं। ईरानी पक्ष का कहना है कि उसका उद्देश्य अमेरिका पर रणनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ाना है, जबकि अपने संसाधनों का संतुलित उपयोग करना है।
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उधर, कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल क़ानी ने कहा कि “आयतुल्ला सैय्यद मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में हम प्रतिरोध के सम्मानजनक और गौरवशाली मार्ग पर आगे बढ़ते रहेंगे।”




