News Bee : मध्य पूर्व में हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर क्षेत्रीय युद्ध को खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है। ईरान की कंपनियों पर अमेरिका और इसराइल के हमलों (Iran America War) के जवाब में ईरान ने यूएई की कंपनियों पर हमले किए हैं।
ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, Emirates Global Aluminium ने पुष्टि की है कि अबू धाबी स्थित उसके अल तावीला संयंत्र को ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों में भारी क्षति पहुंची है। इस हमले (Iran America War) में कई कर्मचारी घायल हुए हैं, हालांकि किसी की मौत नहीं हुई है। यह संयंत्र यूएई के प्रमुख स्मेल्टर और रिफाइनरी में शामिल है। उल्लेखनीय है कि United Arab Emirates दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा एल्युमीनियम उत्पादक देश है।
इसी बीच, Mosul में एक चौकी पर हुए अमेरिकी-इजरायली हमले में दो इराकी पुलिसकर्मी मारे गए और पांच अन्य घायल हो गए। वहीं, Kirkuk में पॉपुलर मोबिलाइजेशन यूनिट्स (PMU) के ठिकानों पर हुए अलग-अलग हमलों में तीन सदस्य मारे गए और चार घायल हुए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल के दिनों में कई इराकी प्रतिरोध कार्यकर्ताओं की भी हत्या की गई है।
इजरायली मीडिया के मुताबिक, Tel Aviv और आसपास के इलाकों को निशाना बनाकर लेबनान से एक लंबी दूरी की मिसाइल दागी गई। इसके अलावा, Baghdad अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित अमेरिकी विक्टोरिया बेस को भी तीन बार निशाना बनाया गया।
दूसरी ओर, Iran के सशस्त्र बलों ने दावा किया है कि उनकी नौसैनिक हवाई रक्षा प्रणाली ने बंदर अब्बास के ऊपर एक अमेरिकी लुकास ड्रोन को मार गिराया। इसके साथ ही युद्ध की शुरुआत से अब तक कुल 135 ड्रोन गिराए जाने का दावा किया गया है।
इराक में सक्रिय इस्लामी प्रतिरोध समूहों ने भी दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में उन्होंने 41 अभियान चलाए, जिनमें दुश्मन के ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए गए। इसी बीच, इसराइल में विरोध प्रदर्शनों का दौर भी जारी है। तेल अवीव और हाइफ़ा में ईरान के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने 18 लोगों को हिरासत में लिया।
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इन घटनाओं ने पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ा दी है, जिसका असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। झारखंड सहित भारत के लोगों की भी इस पर नजर बनी हुई है।




