News Bee : ईरान की कुछ न बिगाड़ पाने वाले अमेरिका और इसराइल (Iran America War) अब इज्जत बचाने में लगे हुए हैं। दोनों का भारी नुकसान हो रहा है। दोनों देश चाहते हैं कि किसी तरह युद्ध बंद हो जाए। इसके लिए उन्होंने अपने चेलों पाकिस्तान आदि देशों से मैसेज ईरान (Iran America War) को भिजवाया। सोचा था पाकिस्तान के दबाव में ईरान आ जाएगा।
मगर, अब ऐसा होता नहीं दिख रहा है तो अमेरिकी डिप्रेशन में आ गए हैं। न्युक्लियर हमले की धमकी दे रहे हैं ताकि ईरान डर के मारे युद्ध खत्म करने पर राजी हो जाए। एक और अहम प्वाइंट यह है कि अमरीका व इसराइल ईरान की जनता को डराना चाहते हैं। वह चाहते हैं जनता डर जाए और देश की सरकार के खिलाफ हो जाए। और किसी मुल्क की पब्लिक होती तो यह आसान था। यह ईराान की पब्लिक है। समझदार है। पढ़ी लिखी है। अल्लाह पर भरोसा है। इसीलिए, अमेरिका और इसराइल ने ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले किए। एक अमेरिकी विशेषज्ञ से इसका फायदा पूछा गया तो वह बोला-अस्पताल नहीं होंगे।
मरीजों का इलाज नहीं होगा। पावर प्लांट तबाह हो जाएंगे। ईरान में बिजली गुल हो जाएगी तो जनता ईरानी सरकार के खिलाफ खड़ी हो जाएगी। मगर, ईरानी जनता फौलादी इरादों वाली है।
जो भी विश्लेषण गोदी मीडिया पर चल रहा है। उसमें एक कमी है। लोग ईरानी पक्ष को डिस्कस नहीं कर रहे हैं। अरे, आप किसी के घर में घुस कर उसके किसी बड़े पूज्यनीय शख्स की हत्या कर दें और बाहर आकर सीजफायर सीजफायर चिल्लाने लगें। ऐसा होगा। वह मानेगा। वह तब तक नहीं मानेगा जब हत्यारों को सजा नहीं मिल जाती। अमेरिका और इसराइल ईरानी नेताओं, वैज्ञानिकों और सैन्य अधिकारियों की हत्या करते रहे हैं। इस बार तो हद कर दी कि उनके सुप्रीम लीडर को शहीद कर दिया। अब ईरान का एक लक्ष्य है कि इलाके में अमेरिका और इसराइल को लंगड़ा कर देना।
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जब तक यह लक्ष्य पूरा नहीं होगा। यह जंग जारी रहेगी। या फिर कोई ट्रंप, उसके विदेश मंत्री, उसके रक्षा मंत्री उसके सैन्य अधिकारियों, दर्जन भर पायलटों और नेतन्याहू उसके विदेश मंत्री, उसके रक्षा मंत्री उसके सैन्य अधिकारियों, दर्जन भर पायलटों को पकड़ कर अंतर्राष्ट्रीय अदालत को सौंप दे। इन्हें जेल में डाल दे और फिर देखिए ईरान सीज फायर को तैयार हो जाएगा।




