Jamshedpur : झारखंड के घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में चुनावी शोर अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। आज 9 नवंबर की शाम 5 बजे के बाद पूरे क्षेत्र में चुनाव प्रचार पूरी तरह बंद हो जाएगा। तय समय के बाद न तो कोई रैली होगी और न ही जनसभा की अनुमति मिलेगी।
निर्वाचन आयोग के निर्देश अनुसार, शाम 5 बजे के बाद बाहरी नेता और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को घाटशिला क्षेत्र छोड़ना अनिवार्य है। यदि कोई नेता क्षेत्र में रुकता पाया गया और शिकायत मिलती है, तो प्रशासन कार्रवाई करेगा।
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JMM की रणनीति : सीएम व उनकी पत्नी का चेहरा
सत्ता में मौजूद इंडिया गठबंधन के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल माना जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन लगातार प्रचार में जुटे हैं।
पार्टी का फोकस :
* पंचायत स्तर पर छोटे जनसंवाद
* महिलाओं तक सीधा संपर्क
* ओबीसी और महिला वोट बैंक पर पकड़ मजबूत करना
यह चुनाव पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की साख से भी जुड़ा है। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने अपने पुत्र बाबूलाल सोरेन को टिकट दिलाया है, लेकिन नतीजा तय करेगा कि भाजपा में उनकी पकड़ कितनी मजबूत रहती है। अगर बाबूलाल सोरेन चुनाव हारते हैं तो चंपई सोरेन के राजनीतिक भविष्य पर भी इसका असर पड़ेगा।
BJP की रणनीति : संगठन और बूथ मैनेजमेंट पर फोकस
भाजपा ने सीट को प्रतिष्ठा की लड़ाई बना दिया है। बड़े नेताओं बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, सुवेंदु अधिकारी की सभाएं लगातार हो रही हैं।
भाजपा का फोकस :
* बूथ स्तर पर मजबूत माइक्रोमैनेजमेंट
* कमजोर बूथों पर विशेष टीम
* लगातार मॉनिटरिंग
हालांकि स्थानीय असंतोष भाजपा के लिए चुनौती बना हुआ है।
तीसरा फैक्टर — JKLM का असर
जेएलकेएम (JKLM) के उम्मीदवार जयराम महतो समीकरण बिगाड़ने की कोशिश में हैं।
यदि वोट कटाव हुआ, तो परिणाम में उलटफेर संभव है।
मतदान : 11 नवंबर
नतीजे : 14 नवंबर
कुल 2,55,823 मतदाता अपना जनादेश देंगे। मुकाबला भले ही 13 उम्मीदवारों के बीच हो, लेकिन असली लड़ाई JMM और BJP के बीच सिमट गई है।
ड्राई डे
* 9 नवंबर सुबह 5 बजे से 11 नवंबर शाम 5 बजे तक शराब बिक्री पूर्णतः बंद
* नियम तोड़ने पर 6 महीने जेल या 2000 रुपये जुर्माना
प्रचार के बाद क्या नहीं कर सकते?
* जनसभा, रैली या रोड शो
* टीवी, सोशल मीडिया या डिजिटल प्रचार
* बाहरी नेताओं को इलाके में ठहरने की अनुमति नहीं




