Jamshedpur : मानगो के बालीगुमा-सुखना बस्ती में झारखंड सरकार की मेधा दूध डेयरी का 50 टीएलपीडी प्रोसेसिंग प्लांट (Jamshedpur Medha Dairy Plant) अब यहां नहीं बनेगा। राज्य सरकार ने इस डेयरी संयंत्र को सरायकेला-खरसावां जिले के तितिरबिला गांव में स्थानांतरित करने का अंतिम फैसला कर लिया है। शुक्रवार को हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में इस स्थानांतरण प्रस्ताव पर औपचारिक मुहर भी लग गई। इस (Jamshedpur Medha Dairy Plant ) प्लांट को तीन करोड़ रुपए में बनाए जाने की बात कही गई थी। इसकी बाउंड्री वॉल और अन्य निर्माण पर कई करोड़ रुपए खर्च भी कर दिए गए हैं, जो पैसे की बर्बादी है।
इस प्लांट को सरायकेला जिले में स्थानांतरित करने के फैसले के बाद बालीगुमा–सुखना बस्ती के ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और निराशा है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक दशक से वे इस प्लांट के जरिए रोजगार और क्षेत्र के संपूर्ण विकास की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन अब उनका सपना टूट गया है।
ग्रामीणों की नाराजगी के बीच भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह प्रस्तावित प्लांट स्थल पर पहुंचे और लोगों की भावनाएं सुनीं। उन्होंने कहा कि यह पूरे मानगो क्षेत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है। पहले से ही मानगो में रोजगार के साधन बेहद सीमित हैं और जो उम्मीद इस डेयरी प्लांट से जगी थी, वह भी खत्म हो गई।
गौरतलब है कि लगभग दस वर्ष पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास और फिर 7 मार्च 2024 को तत्कालीन मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने सुखना बस्ती, मानगो में मेधा डेयरी संयंत्र का भूमि पूजन किया था। दो बार मुख्यमंत्री द्वारा भूमि पूजन होने से स्थानीय ग्रामीणों में रोजगार और चहुंमुखी विकास की प्रबल उम्मीद जगी थी। प्रतिदिन 50 हजार लीटर दूध की क्षमता का प्लांट यहां बनना था। इस पर 67 करोड़ रुपए खर्च होने थे। झारखंड मिल्क फेडरेशन ने 2009-10 में यहां प्लांट खोलने की योजना तैयार की थी।
विकास सिंह ने आरोप लगाया कि स्थानीय सांसद और विधायक की अनदेखी तथा क्षेत्र में रोजगार सृजन की इच्छाशक्ति की कमी के कारण यह प्लांट मानगो से हटाकर सरायकेला-खरसावां जिले में शिफ्ट कर दिया गया। विकास सिंह ने यह भी कहा कि जनवरी 2024 में भूमि पूजन के दौरान ही इस प्लांट को अपने विधानसभा क्षेत्र में ले जाने की मंशा बना ली गई थी, जिसे बाद में नियम-कानून का हवाला देकर अंजाम दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस खुली जमीन पर प्लांट प्रस्तावित था, वहां वे खेलकूद, व्यायाम और सांस्कृतिक कार्यक्रम किया करते थे। प्लांट लगाने का सपना दिखाकर उस मैदान की घेराबंदी कर दी गई, लेकिन अब प्लांट ही स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
विकास सिंह ने मांग की कि क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए स्थानीय विधायक और सांसद आगे आएं, सदन में इस मुद्दे को उठाएं और मेघा डेयरी प्लांट को पूर्व में प्रस्तावित स्थान बालीगुमा–सुखना बस्ती, मानगो में ही स्थापित कराएं।
इसे भी पढ़ें – भाजपा जमशेदपुर महानगर के जिलाध्यक्ष बने संजीव सिन्हा, कार्यकर्ताओं ने किया भव्य अभिनंदन + VDO
मौके पर डी. मिश्र, बांकीम महतो, असीम महतो, कामेश्वर महतो, षष्ठी महतो, इंद्रजीत महतो, संजय महतो, कमलेश तिवारी, नगेन्द्र महतो, काली कर्मकार, शिव प्रसाद, लालू महतो, प्रमोद मिश्रा, रंजित महतो, दीपक सिंह, रविंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।




