Jamshedpur : Tata Motors में JO ग्रेड को पुराने वेतन ढांचे में शामिल करने और बैक वेजेज की मांग को लेकर दायर रिट याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए याचिका खारिज कर दी। यह सुनवाई माननीय न्यायाधीश श्री राकेश रौशन की अदालत, कोर्ट संख्या–14 में हुई।
अफसर जावेद सहित Tata Motors के सात कर्मचारियों ने WPC 2292/2024 के तहत याचिका दाखिल कर JO ग्रेड को पुराने वेतनमान में बहाल करने तथा बकाया वेतन देने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि मामले में उचित अद्यावधिक (प्रॉपर एडजुडिकेशन) का अभाव है। साथ ही स्पष्ट किया गया कि रिट कोर्ट सीधे किसी निजी पक्ष के खिलाफ आदेश पारित नहीं कर सकती। संविधान के अनुच्छेद 12 के अनुसार रिट अधिकार केवल संवैधानिक या वैधानिक प्राधिकरणों के विरुद्ध ही प्रयोग किया जा सकता है।
इधर, टेल्को वर्कर्स यूनियन (रजि.-98) द्वारा दायर दूसरी याचिका WPC 3209/2024 में डीएलसी और एलसी को पक्षकार बनाया गया है। यूनियन ने आरोप लगाया है कि टाटा मोटर्स यूनियन ने अधिकारियों के साथ मिलकर मजदूरों के हितों के खिलाफ समझौता किया, जिससे वेतन वृद्धि की जगह कटौती हुई।
इसे भी पढ़ें – झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026: अब जुड़वां बच्चों को भी अलग-अलग गिना जाएगा, तीन संतान वाले उम्मीदवार नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
वहीं, टेल्को वर्कर्स यूनियन की पुरानी याचिका WPC 7038/2017 में बहस पूरी हो चुकी है और 2 फरवरी 2026 को फैसला आने की संभावना है। ऐसे में JO ग्रेड का भविष्य अब यूनियन की कानूनी रणनीति और आगामी फैसले पर निर्भर माना जा रहा है।
यूनियन ने दोहराया है कि मजदूरों के अधिकारों और बकाया वेतन की बहाली के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी।




