Jamshedpur (Jharkhand): पोटका थाना क्षेत्र में छोटा सिगदी गांव के पास महिला चौकीदार ज्योतिका हेंब्रम ( Potka Chowkidar Murder) की दिनदहाड़े हुई नृशंस हत्या के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। एसएसपी पीयूष पांडे ने पोटका थाना प्रभारी मनोज मुर्मू को लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही पूरे मामले (Potka Chowkidar Murder Case) की विभागीय और उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
थाना प्रभारी मनोज मुर्मू को हटाने के बाद एसआई सन्नी टोपनो को पोटका थाना की कमान सौंपी गई है। एसएसपी ने साफ किया है कि इस हत्याकांड में तत्कालीन थाना प्रभारी की भूमिका की गहन जांच की जाएगी।
दोनों शवों का हुआ अंतिम संस्कार
पुलिस थाना पुलिस ने बताया कि ज्योतिका हेंब्रम और आरोपी गणेश मांझी दोनों के शवों का पोस्टमार्टम बुधवार को कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। ज्योतिका का अंतिम संस्कार पोटका के कालिकापुर केंदमुड़ी गांव में जबकि गणेश मांझी का अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव जहातू में किया गया। दोनों ही मामलों में परिजनों की ओर से अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
छह महीना पहले ही ज्योतिका को मिली थी चौकीदार की नौकरी
ज्योतिका हेंब्रम की नियुक्ति छह महीने पहले चौकीदार के रूप में हुई थी। मंगलवार को थाना से ड्यूटी समाप्त कर घर लौटते समय, उसके प्रेमी गणेश मांझी ने छोटा सिगदी के पास आरी वाले चाकू से उसका गला रेतकर हत्या कर दी थी। इसके बाद गणेश मांझी ने खुद पर चाकू से वार कर आत्महत्या कर ली थी।
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इस हत्याकांड से पहले गणेश मांझी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो संदेश जारी किया था। वीडियो में उसने दावा किया था कि ज्योतिका के साथ उसका नौ साल पुराना प्रेम संबंध था, लेकिन चौकीदार की नौकरी लगने के बाद वह थाना प्रभारी मनोज मुर्मू के करीब आ गई थी। उसने थाना प्रभारी पर ज्योतिका के साथ अवैध संबंध बनाने का आरोप लगाया था। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।




