Jamshedpur (Jharkhand) :महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर लौहनगरी जमशेदपुर (Jamshedpur Swarnrekha Arti) पूरी तरह शिवमय हो उठी। सुबह से ही श्रद्धालु बेलपत्र, धतूरा, नारियल और जल लेकर मंदिरों में भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए कतारबद्ध दिखे। साकची बाजार शिव मंदिर, शिव-दुर्गा मनोकामना नाथ, शीतला मंदिर, कचहरी बाबा मंदिर, बिष्टुपुर, टेल्को, गोविंदपुर, बागबेड़ा, गोलमुरी और पशुपतिनाथ मंदिर सहित शहर के विभिन्न शिवालयों में दोपहर तक भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। कई स्थानों पर रुद्राभिषेक हुआ, जबकि संध्या बेला में भव्य शिव बारात ने पूरे शहर को भक्तिरस में डुबो दिया।
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महाशिवरात्रि की सबसे भव्य झलक सोनारी स्थित दोमुहानी संगम घाट (Jamshedpur Swarnrekha Arti) पर देखने को मिली, जहां स्वर्णरेखा नदी की दिव्य आरती का आयोजन किया गया। बनारस के अस्सी घाट से आए आचार्य आशुतोष महाराज के नेतृत्व में काशी के 21 पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आरती संपन्न कराई। कार्यक्रम की शुरुआत शाम 5 बजे नदी पूजन से हुई, जिसके बाद शंखनाद, घंटे-घड़ियाल, पुष्प वर्षा और आतिशबाजी ने माहौल को अलौकिक बना दिया।
इस अवसर पर राज्य के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने पत्नी सुधा गुप्ता के साथ नदी पूजन कर मां स्वर्णरेखा की आराधना की। आयोजन स्थल पर शिव से जुड़ी आकर्षक कलाकृतियां और स्थानीय कलाकार कृष्णामूर्ति व उनकी टीम की भजन प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। हजारों शिवभक्तों की उपस्थिति में “हर हर महादेव” के नारों से पूरा दोमुहानी संगम क्षेत्र गूंज उठा।
गौरतलब है कि मंत्री रहते हुए बन्ना गुप्ता के प्रयासों से सोनारी दोमुहानी संगम घाट का नए सिरे से विकास किया गया था, जहां भगवान शिव की प्रतिमा भी स्थापित है। महाशिवरात्रि के इस आयोजन ने एक बार फिर जमशेदपुर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।




