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गोलमुरी में बेटे के विवाद में हुई कन्हैया यादव की हत्या, चार गिरफ्तार, पुलिस का खुलासा+VDO

Golmuri Murder Case

Jamshedpur (Jharkhand) : झारखंड के जमशेदपुर स्थित गोलमुरी थाना क्षेत्र में टीनप्लेट मैदान के पास हुई कन्हैया यादव की हत्या (Golmuri Murder Case) का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।

Golmuri Murder Case में गिरफ्तार आरोपियों में गोलमुरी नामदा बस्ती निवासी सुमित कुमार, गुरप्रीत सिंह उर्फ राज उर्फ लोलो, ओल्ड केबल टाउन के पास रहने वाला अमरीक सिंह उर्फ विक्की सिंह और सबीना कॉलोनी का रहने वाला राजा आलम शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से हत्या में प्रयुक्त दो देसी पिस्टल, सात खोखा और पिलेट बरामद किए हैं।

Golmuri Murder: बेटे के विवाद से शुरू हुआ था झगड़ा

एसएसपी पीयूष पांडेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कन्हैया यादव के बेटे और सुमित कुमार सिंह के बीच पहले से विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हो चुकी थी और थाने में एक-दूसरे के खिलाफ मामले दर्ज थे। इसी रंजिश के चलते सुमित ने अपने साथियों के साथ मिलकर कन्हैया यादव की हत्या की साजिश रची और गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार तीन आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। गुरप्रीत सिंह के खिलाफ टेल्को थाना में दो और बर्मामाइंस थाना में दो मामले दर्ज हैं। अमरीक सिंह के खिलाफ गोलमुरी थाना में एक मामला और सुमित कुमार सिंह के खिलाफ भी गोलमुरी थाना में एक केस दर्ज है।

सीसीटीवी से हुई पहचान, डोबो पुल और पारडीह से गिरफ्तारी

घटना के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे सुमित कुमार और गुरप्रीत सिंह की पहचान हुई। दोनों को डोबो पुल के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार करते हुए अमरीक सिंह और राजा आलम समेत अन्य लोगों के नाम बताए। इसके बाद पुलिस ने अमरीक सिंह और राजा आलम को पारडीह क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

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पुलिस के अनुसार इस हत्याकांड में बिल्ला पाठक समेत कई आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। एसपी ने बताया कि मामले के त्वरित खुलासे के लिए सिटी एसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। इसी टीम की सक्रियता से पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ।

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