NewsBee: ईरान की सेना की प्रमुख इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अपने जवाबी अभियान Operation True Promise-4 के तहत 40वीं लहर के हमले ( Iran America War)को अंजाम दिया है। इस दौरान इजराइल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से बड़े हमले किए गए।
IRGC के अनुसार इस चरण में Qadr, Emad, Kheibar Shekan और Fattah मिसाइलों को दागा गया, जिनका निशाना (Iran America War) इजराइल के कब्जे वाले क्षेत्रों में मौजूद सैन्य और रणनीतिक ठिकाने थे। संगठन ने कहा कि यह कार्रवाई लगभग पांच घंटे तक लगातार चलती रही ताकि दुश्मन पर निरंतर दबाव बनाया जा सके।
ईरानी बयान में कहा गया है कि इस ऑपरेशन में लेबनान के हिज्बुल्लाह लड़ाकों ने भी सहयोग किया। हिज्बुल्लाह ने बड़ी संख्या में हमलावर ड्रोन और मिसाइलें दागीं, जिससे मिलकर 50 से अधिक लक्ष्यों को निशाना बनाया गया।
IRGC का दावा है कि हमलों में उत्तरी इजराइल के हाइफा, मध्य क्षेत्र के तेल अवीव और दक्षिण के बेयर शेवा सहित कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
ईरानी सेना का कहना है कि इन हमलों ने इजराइल के लिए “जमीन पर नई वास्तविकता” पैदा कर दी है। उनके मुताबिक बीते 24 घंटों में ईरान से इजराइल की ओर दागी गई मिसाइलों की संख्या बढ़ी है और इजराइल में हताहतों की संख्या भी बढ़ी है। IRGC के बयान में कहा गया कि इजराइली नागरिकों को अब लगातार सायरन और बंकरों में रहने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
इसके साथ ही IRGC ने दावा किया कि जॉर्डन के अल-अज़राक और सऊदी अरब के अल-खर्ज स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है। इससे पहले संगठन ने 39वीं लहर के हमलों की भी जानकारी दी थी, जिसे “शहीदों की याद में” अंजाम दिया गया बताया गया। इसमें फारस की खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सेना के खिलाफ Qadr, Khorramshahr और Emad मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।
वहीं 38वें चरण में IRGC नौसेना ने अमेरिकी सैन्य सुविधाओं पर मिसाइल हमले किए थे। संगठन का दावा है कि इन हमलों में कुवैत के अल-अदीरी हेलीकॉप्टर बेस समेत कई ठिकानों को नुकसान पहुंचा और बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक घायल हुए। IRGC ने कहा कि अमेरिका और इजराइल के खिलाफ यह टकराव तब तक जारी रहेगा जब तक दुश्मन पूरी तरह पीछे नहीं हट जाता और क्षेत्र से युद्ध का खतरा खत्म नहीं हो जाता।
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ईरान के अनुसार Operation True Promise-4 की शुरुआत उस समय हुई जब अमेरिका और इजराइल ने पिछले महीने इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई शुरू की थी।




