NewsBee : पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के कई शहरों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और मिसाइल लॉन्च साइट्स को निशाना बनाने (Iran America War) की चेतावनी दी है। ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय के प्रवक्ता ने शनिवार को कहा कि अमेरिका ने यूएई के बंदरगाहों और शहरों में छिपकर ईरान के अबू मूसा द्वीप और खार्क द्वीप के कुछ हिस्सों पर मिसाइल हमले (Iran America War) किए हैं।
प्रवक्ता के अनुसार क्षेत्र में मौजूद कई अमेरिकी सैन्य ठिकाने पहले ही नष्ट हो चुके हैं, जिसके बाद अमेरिकी सैनिक यूएई के पोर्ट, डॉक और शहरों के अंदर बने ठिकानों में शरण ले रहे हैं। ऐसे में ईरान अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए इन ठिकानों पर हमला करना अपना “वैध अधिकार” मानता है।
ईरानी सेना ने यूएई के नेतृत्व को संदेश देते हुए कहा कि यदि अमेरिकी सेना वहां से मिसाइल हमले जारी रखती है तो उन लॉन्च साइट्स को निशाना बनाया जाएगा जो यूएई के विभिन्न शहरों में स्थित हैं।
साथ ही ईरान ने यूएई में रहने वाले मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि वे बंदरगाहों, डॉक और उन स्थानों से दूर चले जाएं जहां अमेरिकी सैन्य कर्मी छिपे हुए हैं, ताकि संभावित हमले में आम नागरिकों को नुकसान न पहुंचे।
दरअसल 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई, कई वरिष्ठ सैन्य कमांडरों और नागरिकों की हत्या के बाद अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया था। इसके तहत ईरान के कई सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हवाई हमले किए गए, जिससे भारी नुकसान और जनहानि हुई।
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इसके जवाब में ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने भी पलटवार करते हुए मिसाइल और ड्रोन के जरिए अमेरिका और इजराइल से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम के कारण मध्य पूर्व में तनाव बेहद बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस टकराव पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि इसका असर वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। झारखंड समेत भारत के कई हिस्सों में भी लोग इस अंतरराष्ट्रीय तनाव को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।




