Home > World > प्रोफाइल: कौन हैं आयतुल्लाह सैय्यद मोजतबा खामेनेई जो बने हैं ईरानी इस्लामी क्रांति के तीसरे सर्वोच्च नेता

प्रोफाइल: कौन हैं आयतुल्लाह सैय्यद मोजतबा खामेनेई जो बने हैं ईरानी इस्लामी क्रांति के तीसरे सर्वोच्च नेता

Iran New Supreme Leader

News Bee : ईरान की एक्सपर्ट्स असेंबली ने रविवार को एक सप्ताह से अधिक चली प्रक्रिया के बाद आयतुल्लाह सैय्यद मोजतबा होसैनी खामेनेई को इस्लामी क्रांति का तीसरा सर्वोच्च नेता घोषित किया। यह घोषणा (Iran New Supreme Leader) उस समय की गई जब देश भर में लोग रमजान की विशेष नमाज में मस्जिदों में मौजूद थे।

असेंबली ने अपने बयान में कहा कि निर्णायक मतदान के बाद आयतुल्लाह सैय्यद मोजतबा खामेनेई को इस्लामी गणराज्य ईरान की पवित्र व्यवस्था का तीसरा नेता (Iran New Supreme Leader) चुना गया है। वह शहीद नेता आयतुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई के पुत्र हैं, जिन्होंने इस्लामी क्रांति के संस्थापक इमाम खुमैनी के निधन के बाद 37 वर्षों तक देश का नेतृत्व किया

Iran New Supreme Leader: शुरुआती जीवन और शिक्षा

आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई का जन्म 1969 में ईरान के पवित्र शहर मशहद में हुआ था। उन्होंने अपना बचपन तेहरान में बिताया और प्रसिद्ध अलावी स्कूल से माध्यमिक शिक्षा पूरी की। यह संस्थान इस्लामी गणराज्य के कई प्रमुख बुद्धिजीवियों और नेताओं को तैयार करने के लिए जाना जाता है।

उनकी युवावस्था ईरान के आधुनिक इतिहास के सबसे कठिन दौरों में से एक के साथ गुजरी। महज 17 वर्ष की उम्र में उन्होंने ईरान-इराक युद्ध के दौरान मोर्चे पर स्वयंसेवक के रूप में भाग लिया। वह तेहरान की 27वीं मोहम्मद रसूलल्लाह डिवीजन के हबीब इब्न मजाहेर बटालियन के सदस्य रहे। इस अनुभव ने उनके विचारों और इस्लामी क्रांति के आदर्शों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मजबूत किया।

 Iran New Supreme Leader: धार्मिक अध्ययन और विद्वत्ता

युद्ध के बाद 1989 में वह उच्च धार्मिक शिक्षा के लिए क़ुम चले गए। 1992 तक वहां अध्ययन करने के बाद वह तेहरान लौटे और पांच वर्षों तक अपनी धार्मिक शिक्षा जारी रखी।

बाद में उन्होंने क़ुम में ही उच्च स्तर की इस्लामी शिक्षा पूरी की। वहां उन्होंने प्रसिद्ध विद्वानों के मार्गदर्शन में इस्लामी कानून (फिक्ह) और उसके सिद्धांतों का गहन अध्ययन किया। धार्मिक विद्वानों के अनुसार मोजतबा खामेनेई अपनी गहरी बौद्धिक क्षमता, सटीकता और स्वतंत्र सोच के लिए जाने जाते हैं। क़ुम की प्रसिद्ध मदरसा प्रणाली में उनके व्याख्यान हजारों छात्रों को आकर्षित करते रहे हैं।

 पारिवारिक जीवन

1997 में उन्होंने ज़हरा हद्दाद आदेल से विवाह किया। उनके दो बेटे मोहम्मद-बागेर और मोहम्मद अमीन तथा एक बेटी फातिमा हैं। 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमले में उनकी पत्नी शहीद हो गई थीं। इसी हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई भी शहीद हुए थे।

इसे भी पढ़ें – अमेरिकी उडैरी बेस पर IRGC का ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला, सैन्य ठिकाने पर भारी तबाही

 सामाजिक और शैक्षणिक योगदान

मोजतबा खामेनेई ने वर्षों तक क़ुम और मशहद की धार्मिक संस्थाओं से घनिष्ठ संबंध बनाए रखा। उन्होंने कई शोध संस्थानों और फिक्ह के विशेष शैक्षणिक केंद्रों की स्थापना में भी सहयोग दिया।

सामाजिक स्तर पर उन्होंने गरीब और वंचित समुदायों की मदद के लिए कई शिक्षा और सामाजिक कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया। उनके प्रयासों से युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी और इस्लामी मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल की गई।

 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संबंध

अपने पिता के नेतृत्वकाल में मोजतबा खामेनेई कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मामलों में सलाहकार की भूमिका में रहे। उन्होंने सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न नीतिगत बैठकों में भाग लिया।

उनके संबंध प्रतिरोध धुरी (Axis of Resistance) से जुड़े नेताओं के साथ भी रहे हैं। लेबनान के हिज्बुल्लाह नेता सैय्यद हसन नसरल्लाह और ईरान के प्रसिद्ध सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी के साथ उनके करीबी रिश्ते रहे थे।

इसे भी पढ़ें- ईरान की इस्लामी क्रांति को मिला नया सर्वोच्च नेता, मोजतबा खामेनेई चुने गए

 नया नेतृत्व और चुनौतियां

मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से कम दिखाई देने वाले व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने हमेशा इस्लामी क्रांति की वैचारिक धारा को मजबूत करने पर जोर दिया है। अब वह ऐसे समय में ईरान का नेतृत्व संभाल रहे हैं जब देश अमेरिका और इजराइल के साथ गंभीर संघर्ष की स्थिति में है। देश के शीर्ष अधिकारियों और सशस्त्र बलों ने उन्हें अपना समर्थन और निष्ठा देने की घोषणा की है। विशेषज्ञों का मानना है कि वह अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए इस्लामी गणराज्य की नीतियों और वैचारिक दिशा को मजबूत करने का प्रयास करेंगे।

You may also like
ईरान के आईआरजीसी प्रमुख का ऐलान: शहीद आयतुल्ला अली खामेनेई के मिशन को आगे बढ़ाएगा प्रतिरोध मोर्चा
मशहद में सुपुर्द-ए-खाक हुए आयतुल्ला सैयद अली खामेनेई, लाखों-करोड़ों लोगों ने दी अंतिम विदाई
Iran Supreme Leader Funeral: Live From Mashahad
अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम श्रद्धांजलि देने उमड़ा जनसैलाब, तेहरान में शुरू हुआ आधिकारिक समारोह

Leave a Reply