न्यूज़ बी रिपोर्टर, नई दिल्ली : पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव का गुरुवार को निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी उनकी बेटी सुभाषिनी शरद यादव ने फेसबुक पोस्ट के जरिए दी। उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि उनके पिता अब नहीं रहे। शरद यादव 75 वर्ष के थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शरद यादव के निधन पर दुख का इजहार किया है। उन्होंने कहा कि शरद यादव के निधन से उन्हें बहुत दुख हुआ है। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में शरद यादव ने खुद को सांसद और मंत्री के रूप में प्रतिष्ठित किया। वह डॉक्टर लोहिया के आदर्शों से प्रभावित रहे। शरद यादव अपने अंतिम समय में बीमार चल रहे थे। गुरु ग्राम के फोर्टिस अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। शरद यादव का जन्म 1 जुलाई 1947 को मध्यप्रदेश के होशंगाबाद के बंधाई गांव में हुआ था। वह किसान परिवार से थे। शरद बचपन से ही पढ़ने लिखने में काफी तेज थे। छात्र राजनीति के चलते उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में पहचान बनाई और फिर बिहार की राजनीति में बड़ा मुकाम हासिल किया। उन्होंने जनता दल यूनाइटेड नामक पार्टी बनाई। बाद में नीतीश कुमार से हुए विवाद के बाद जनता दल यूनाइटेड छोड़ दी। वह बिहार के मधेपुरा सीट से कई बार सांसद रह चुके थे। 1974 में शरद यादव ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। तब वह पहली बार जबलपुर लोकसभा सीट से सांसद बने थे। वह यूपी और बिहार से 7 बार चुनकर लोकसभा में पहुंचे थे।




