Jamshedpur (Jharkhand): वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और शेयर बाज़ार में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच फ्लेक्सी कैप म्यूचुअल फंड्स (Jamshedpur Flexi Cap Fund)खुदरा निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं। निवेशक अब ऐसे विकल्प तलाश रहे हैं, जहां जोखिम कम हो और रिटर्न संतुलित व बेहतर मिले। यही वजह है कि साल 2025 में फ्लेक्सी कैप फंड्स में निवेश ने नया रिकॉर्ड बना दिया।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) (Jamshedpur Flexi Cap Fund) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 के दौरान फ्लेक्सी कैप फंड्स में कुल ₹80,978 करोड़ का निवेश हुआ। यह निवेश स्मॉल-कैप और मिड-कैप फंड्स की तुलना में काफी अधिक रहा। खासकर दिसंबर 2025 में निवेश की रफ्तार सबसे तेज रही, जब एक ही महीने में ₹10,019.27 करोड़ डाले गए, जो पिछले महीने से 23 प्रतिशत ज्यादा है।
इस बढ़ते रुझान का असर टाटा फ्लेक्सी कैप फंड पर भी साफ दिखा। 31 दिसंबर 2025 तक इस फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब ₹3,700 करोड़ पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 27.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में भी निवेशकों का भरोसा तेजी से बढ़ा है। जनवरी 2026 में यहां इस फंड की कुल बिक्री ₹2.12 करोड़ से अधिक रही, जो पिछले साल की तुलना में 385 प्रतिशत ज्यादा है। यह आंकड़ा बताता है कि छोटे शहरों के निवेशक भी अब समझदारी से निवेश की ओर बढ़ रहे हैं।
टाटा एसेट मैनेजमेंट के सीआईओ (इक्विटीज) राहुल सिंह के अनुसार, बाजार की स्थिति हमेशा बदलती रहती है। फ्लेक्सी कैप रणनीति फंड मैनेजर को बाजार के हालात के मुताबिक स्मॉल, मिड और लार्ज कैप शेयरों में लचीलापन के साथ निवेश करने की आजादी देती है। तेजी के दौर में ज्यादा रिटर्न की संभावना और मंदी में जोखिम कम करने की सुविधा, निवेशकों को सुरक्षित महसूस कराती है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर जोखिम प्रबंधन, विविध निवेश रणनीति और लचीलापन के कारण फ्लेक्सी कैप फंड्स भविष्य में भी रिटेल निवेशकों के लिए मजबूत और भरोसेमंद विकल्प बने रहेंगे।




