13 गवाहों की गवाही और FSL रिपोर्ट के बावजूद आरोप साबित करने में नाकाम रही पुलिस
घाटशिला (झारखंड) : झारखंड गौवंशीय पशु हत्या (Jamshedpur Beef Case ) अधिनियम 2005 के तहत दर्ज चर्चित मामले में घाटशिला कोर्ट ने शुक्रवार को 11 अभियुक्तों को बरी कर दिया। यह फैसला एडीजे सचिन्द्र बिरूवा की अदालत ने सुनाया।
यह मामला थाना कांड संख्या 30/2022 से जुड़ा है, जो 6 जून 2022 को घाटशिला थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था। आरोप था कि अभियुक्त प्रतिबंधित गोवंशीय पशु का मांस (Jamshedpur Beef Case ) लेकर जा रहे थे। पुलिस ने मौके से मांस जब्त कर एफएसएल जांच हेतु भेजा, जहां रिपोर्ट में इसे गोवंशीय मांस बताया गया।
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अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 13 गवाह प्रस्तुत किए, लेकिन कोर्ट ने पाया कि अभियुक्तों की संलिप्तता साबित करने के लिए ठोस और निर्णायक साक्ष्य मौजूद नहीं हैं।
इस मामले के मुख्य अभियुक्त शेख समद की जमानत याचिका माननीय उच्च न्यायालय से तीन बार खारिज हो चुकी थी और वे लगातार जेल में थे।
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद जाहिद इक़बाल ने दमदार बहस की। उनके तर्कों से सहमत होते हुए अदालत ने सभी 11 अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए आरोपमुक्त कर दिया।
अभियुक्तों के नाम हैं – राम मण्डी, दसमत हांसदा, अजीत सोरेन, सरकार सोरेन, वकील सोरेन, जाबिर अली, शेख जाकिर, रुपपेन हेंब्रम, राम मार्डी, गुड़िया बीबी और शेख समद। अदालत का यह फैसला न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता और तार्किक बहस की अहमियत को दर्शाता है।




