Jamshedpur : ( Bagbera Accident) बागबेड़ा थाना क्षेत्र के हरहरगुट्टू कृष्णापुरी निवासी आशीष कुमार सिंह की दिल्ली के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। यह हादसा 19 फरवरी को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में विंध्याचल के गैपुरा चौकी के पास स्कोर्पियो के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के कारण हुआ था। इस हादसे में आशीष की छाती के पास रॉड घुस गया था। (Bagbera Accident)
परिवार का आरोप है कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि एक साजिश थी। आशीष के भाई समरजीत कुमार सिंह ने बताया कि स्कोर्पियो में अन्य लोग भी सवार थे, लेकिन चोट सिर्फ आशीष और उनके बहनोई को ही आई। बाकियों को खरोंच तक नहीं लगी।
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Bagbera Accident : पार्टनर नहीं दे रहा 20 लाख रुपया

Bagbera Accident: एसएसपी आफिस पहुंचे परिजन
आशीष की तबीयत बिगड़ने पर पहले उन्हें जमशेदपुर के टीएमएच में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल रेफर कर दिया गया। इलाज में 45 लाख रुपये से अधिक का खर्च आया, लेकिन 17 मार्च को आशीष की मौत हो गई।
परिवार ने आरोप लगाया है कि आशीष के बिजनेस पार्टनर रंजीत कुमार पांडेय ने थाने में समझौता करते हुए 20 लाख रुपये देने का वादा किया था, जो आशीष के हिस्से के रूप में परिजनों को मिलना था। हालांकि दो महीने बीत जाने के बाद भी रंजीत ने अब तक पैसे नहीं दिए।
इस पूरे मामले में परिवार कई बार बागबेड़ा थाने गया, जहां समझौता पत्र भी तैयार हुआ, लेकिन पैसे नहीं मिले। अब स्थिति यह हो गई है कि रंजीत पांडेय ने उल्टे आशीष के परिजनों के खिलाफ फर्जी मामला दर्ज करा दिया है और दावा किया है कि उसे मेडिकल दुकान खोलने पर धमकियां मिल रही हैं।
समरजीत सिंह का कहना है कि रंजीत की मेडिकल दुकान “साई मेडिकल” है और हादसे के बाद आशीष को उसी ने इलाज करने की बात कहकर देर की। यदि समय पर सही इलाज होता, तो शायद आशीष की जान बच सकती थी। अब परिवार ने न्याय की उम्मीद में एसएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। यह मामला अब सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि आर्थिक हिस्सेदारी, साजिश और इंसाफ की लड़ाई का रूप ले चुका है।




