Jamshedpur News : झारखंड के शिक्षा मंत्री और घाटशिला से जेएमएम विधायक रामदास सोरेन का शुक्रवार की रात दिल्ली के अपोलो अस्पताल में निधन (Ghatshila MLA Death) हो गया। वे पिछले कई दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे और लाइफ सपोर्ट पर थे। उनकी मौत की आधिकारिक पुष्टि उनके फेसबुक पेज के माध्यम से की गई, जिसमें लिखा गया अत्यंत दुख के साथ यह सूचित कर रहा हूं कि मेरे पिताजी अब हमारे बीच नहीं रहे।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को अमेरिका के डॉक्टरों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपोलो अस्पताल के चिकित्सकों से उनकी स्थिति पर चर्चा की थी। इस दौरान शरीर में हो रही हलचल पर बारीकी से अध्ययन किया गया और कुछ दवाओं को लेकर निर्देश दिए गए। डॉक्टरों ने ब्रेन ऑपरेशन के लिए दो-तीन दिन और इंतजार करने की सलाह दी थी।
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गौरतलब है कि 2 अगस्त की सुबह उनके घोड़ाबांधा स्थित आवास पर अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाया गया था।
राजनीतिक सफर
रामदास सोरेन (Ghatshila MLA Death) कोल्हान क्षेत्र के बड़े आदिवासी नेता माने जाते थे। उन्होंने झारखंड आंदोलन में शिबू सोरेन के साथ सक्रिय भूमिका निभाई थी। पहली बार वे 2009 में विधायक बने और दूसरी बार 2019 में चुनाव जीते थे। इसके बाद साल 2024 के चुनाव में भी वह जीते। वे झामुमो के पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष भी रहे।
अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत उन्होंने घोड़ाबांधा ग्राम प्रधान के रूप में की थी। मूल रूप से घाटशिला प्रखंड के खरसती निवासी रामदास सोरेन के दादा टेल्को के कर्मचारी थे। पिता के निधन के बाद उन्हें ग्राम प्रधान चुना गया और वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे। इसके बाद वे झामुमो से जुड़े और 1990 में जिला सचिव और फिर जिलाध्यक्ष बने।
झारखंड आंदोलन के दौरान उन पर कई मुकदमे भी दर्ज हुए थे, लेकिन उनकी पहचान एक जुझारू और जनहितैषी नेता के रूप में बनी रही।




