Jamshedpur : टाटानगर रेल सिविल डिफेंस टीम की ओर से इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र, टाटानगर में प्रशिक्षणरत लोको पायलटों को शुक्रवार को 4 बजे आपातकालीन स्थिति से निपटने का विशेष प्रशिक्षण (Tatanagar Railway) दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान क्लासरूम में आग लगने जैसी आपदा की कल्पित स्थिति बनाकर बचाव एवं राहत कार्य की प्रभावी तकनीकों का अभ्यास कराया गया।
रेल सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से आग लगने पर भगदड़ की स्थिति बनती है, जिसमें घायलों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे हालात में घटनास्थल पर चार प्रकार के पीड़ित मिलते हैं, अत्यंत गंभीर रूप से घायल, सामान्य चिकित्सा की आवश्यकता वाले, मामूली रूप से चोटिल तथा मृत व्यक्ति। उन्होंने कहा कि गोल्डन आवर में प्रशिक्षित रेस्क्यू कर्मियों की सूझबूझ और दक्षता से कई जानें बचाई जा सकती हैं।
प्रशिक्षण (Tatanagar Railway) में ट्रायेज पद्धति, आग की स्थिति में स्टॉप, ड्रॉप एंड रोल तकनीक, वजनदार घायलों को निकालने के लिए ब्लैंकेट ड्रैग, संकरे स्थानों में फंसे घायलों के लिए टो ड्रैग और बो-लाइन ड्रैग विधि का जीवंत प्रदर्शन किया गया।
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प्रशिक्षण केंद्र परिसर में डेमोंस्ट्रेटर शंकर प्रसाद ने फायर फाइटिंग उपकरणों के सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी। वहीं, भगदड़ में घायल पीड़ितों की बैंडेजिंग की विधि का अभ्यास डेमोंस्ट्रेटर अनामिका मंडल ने कराया। सीपीआर देने की पद्धति, मैनमेड स्ट्रेचर बनाकर रेस्क्यू करने की तकनीक भी विस्तार से समझाई गई।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में दक्षिण पूर्व रेलवे के हावड़ा, संतरागाछी, खड़गपुर, रांची, आद्रा, बोकारो, टाटानगर, चक्रधरपुर और राउरकेला से आए करीब 150 लोको पायलट, प्रशिक्षण केंद्र के अनुदेशक एवं लिपिक उपस्थित रहे। सिविल डिफेंस टीम में इंस्पेक्टर संतोष कुमार के साथ डेमोंस्ट्रेटर शंकर प्रसाद, अनामिका मंडल, गीता कुमारी और तेजीता शामिल रहीं। लोको पायलटों ने सिविल डिफेंस द्वारा दिए गए प्रशिक्षण की सराहना की।




