जमशेदपुर समेत मुस्लिम इलाकों में बढ़ी रौनक, मस्जिदें होंगी आबाद
Jamshedpur (Jharkhand ) : रमजान-उल-मुबारक का चांद (Ramzan In Jamshedpur) बुधवार को नजर आ गया। इसके साथ ही गुरुवार से रोजे की शुरुआत होगी। चांद दिखते ही शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने पटाखे फोड़े और एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी।
इस्लामी कैलेंडर के अनुसार शाबान महीने की 29 तारीख को ही चांद ( Ramzan In Jamshedpur) दिखाई दे गया, जिससे रमजान की पहली तारीख तय हो गई। आम तौर पर माना जाता है कि सऊदी अरब में चांद दिखने के एक दिन बाद भारत में चांद नजर आता है, इसी आधार पर लोगों को बुधवार को चांद दिखने की पूरी उम्मीद थी।
रमजान की तैयारियां तेज
जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में रमजान की तैयारियां जोरों पर हैं। बाजारों में जबरदस्त चहल-पहल देखी जा रही है। लोग सहरी और इफ्तार के लिए सूतफेनी, डबल रोटी, बेकरी आइटम, पापड़, फल और ड्राई फ्रूट्स की खरीदारी कर रहे हैं। गुरुवार से मस्जिदें पूरी तरह आबाद होंगी। नमाजियों की संख्या बढ़ने के कारण लोग नए जा-ए-नमाज, टोपी, मिस्वाक और इतर भी खरीद रहे हैं।
हर घर में गूंजेगी कुरान-ए-पाक
रमजान की पहली तारीख से ही कुरान-ए-पाक की तिलावत का सिलसिला शुरू हो जाएगा। आम तौर पर लोग रोज एक पारा पढ़ते हैं, जिससे 30 दिनों में कुरान मुकम्मल हो जाती है। कई लोग इससे अधिक तिलावत भी करते हैं।
तरावीह की नमाज का सिलसिला शुरू
चांद नजर आते ही तरावीह की नमाज का दौर शुरू हो गया है। शहर की प्रमुख मस्जिदों—हुसैनी मस्जिद, साकची बड़ी मस्जिद, धतकीडीह मक्का मस्जिद सहित लगभग सभी मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा की जाएगी। यह नमाज ईशा के बाद पढ़ी जाती है और पूरे 30 दिन चलती है। कुछ स्थानों पर 3, 5, 7 और 10 दिन की तरावीह का भी इंतजाम किया गया है।
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“रमजान अल्लाह का महीना है”
मौलाना बुरहान-उल-हुदा (मदरसा गुलशन हुसैन, मानगो) ने कहा कि रमजान अल्लाह की इबादत, सब्र और माफी मांगने का महीना है। सभी लोग रोजा रखें, नमाज और तरावीह अदा करें तथा अपने गुनाहों की माफी मांगें।




