Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। नवनियुक्त चौकीदार ज्योतिका हेम्ब्रम की उसके प्रेमी गणेश मांझी ने निर्मम हत्या (Potka Chowkidar Murder) कर दी। घटना (Potka Chowkidar Murder) मंगलवार दोपहर छोटा सिगदी के पास उस वक्त हुई, जब ज्योतिका ड्यूटी पूरी कर घर लौट रही थी। हत्या के कुछ समय बाद आरोपी गणेश मांझी ने भी आत्महत्या कर ली।
पुलिस जांच में सामने आया है कि ज्योतिका हेम्ब्रम की चौकीदार की नौकरी लगभग छह महीने पहले लगी थी। इसके बाद आरोपी गणेश मांझी उस पर शादी का दबाव बना रहा था। ज्योतिका ने साफ तौर पर शादी से इनकार कर दिया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लगातार विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार, शादी से इंकार किए जाने से नाराज होकर ही गणेश मांझी ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।
आत्महत्या से पहले वीडियो जारी कर लगाए गंभीर आरोप

Potka Chowkidar Murder
हत्या के बाद खुदकुशी से पहले आरोपी गणेश मांझी ने एक वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में उसने दावा किया कि उसका ज्योतिका हेम्ब्रम के साथ नौ साल से प्रेम संबंध था। उसने यह भी आरोप लगाया कि ज्योतिका उसे धोखा दे रही थी और पोटका थाना प्रभारी के साथ उसके संबंध थे। वीडियो में गणेश मांझी ने यह स्वीकार किया कि उसने चाकू से ज्योतिका की गला रेतकर हत्या की है और वही हथियार दिखाते हुए आत्महत्या की बात कही।
घर लौटते वक्त की गई हत्या
मृतका ज्योतिका हेम्ब्रम कालिकापुर पंचायत के केन्डमूड़ी गांव की रहने वाली थी। वह पोटका थाना से ड्यूटी समाप्त कर अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान थाना से करीब आधा किलोमीटर दूर आरोपी ने धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पोटका थाना प्रभारी मनोज मुर्मू, बीडीओ अरुण मुंडा, सीओ निकिता बाला समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने पहले आरोपी की तलाश शुरू की, लेकिन बाद में पता चला कि हत्या के बाद गणेश मांझी ने भी आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है।
थाना प्रभारी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
पोटका थाना प्रभारी मनोज मुर्मू ने वीडियो में लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि आरोपी युवक चौकीदार से शादी करना चाहता था, लेकिन शादी से इनकार के कारण उसने इस घटना को अंजाम दिया। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं।




