जमशेदपुर : पैगंबर अकरम हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही वसल्लम के भाई और अल्लाह के खलीफा इमाम अली अलैहिस्सलाम की शहादत (Martyrdom Of Imam Ali) के मौके पर साकची में मजलिस का आयोजन किया गया। यह मजलिस हुसैनी मिशन की तरफ से आयोजित की गई। मजलिस को जमा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना ज़की हैदर ने खिताब किया। (Martyrdom Of Imam Ali)
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Martyrdom Of Imam Ali : 19 रमजान को हुआ था इमाम पर हमला

Martyrdom Of Imam Ali: साकची में निकले इमाम अली अलैहिस्सलाम के शबीह ए ताबूत
इस मजलिस में उन्होंने इमाम अली अलैहिस्सलाम का जिक्र किया और बताया कि इमाम अली अलैहिस्सलाम का इस्लाम में काफी बुलंद मर्तबा है। वह पहले इमाम हैं। बताया कि दावत-ए- ज़ुलअशीरा में पैगंबर ए अकरम ने ऐलान किया कि जो भी उनकी मदद करेगा वह उनका वजीर और वसी होगा। इस पर हजरत अलैहिस्सलाम ने मदद का वादा किया। तब रसूल इस्लाम ने कहा कि ऐ अली तुम मेरे वजीर हो।
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मौलाना ज़की हैदर ने पढ़ा कि 19 रमजान की सुबह हजरत अलैहिस्सलाम सुबह की नमाज में मस्जिद गए थे। वहां इब्ने मुलजिम ने उनके सर पर ज़हर से बुझाई गई तलवार से वार किया। 21 रमजान को इमाम अलैहिस्सलाम शहीद हो गए। मजलिस के बाद नौहाखानी और सीनाजनी हुई। इनाम अब्बास, रेहान, प्रोफेसर आले अली, सगीर आदि ने नौहा खानी की।