Jamshedpur : झारखंड के जमशेदपुर में पुलिस ने कैरव गांधी अपहरण कांड से जुड़े तीन कुख्यात आरोपियों को मुठभेड़ (Jamshedpur Police Encounter) के बाद गिरफ्तार कर लिया। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित साईं मंदिर के पास हथियार बरामदगी के दौरान बदमाशों ने भागने की कोशिश की और एक सिपाही की कार्बाइन छीनकर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से तीनों आरोपियों के पैर में गोली (Jamshedpur Police Encounter) लगी।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों को छिपाए गए हथियारों की निशानदेही के लिए साईं मंदिर के पास लाया गया था। इसी दौरान उन्होंने मौका पाकर थाना प्रभारी आलोक दुबे के बॉडीगार्ड की कार्बाइन छीन ली और अंधाधुंध फायरिंग करते हुए भागने लगे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें पांच राउंड गोलियां चलाई गईं। मुठभेड़ के बाद तीनों बदमाश घायल अवस्था में पकड़े गए।
घायलों की पहचान गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान और रमीज राजा के रूप में हुई है। तीनों बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उन्हें इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया है।
अपहरण कांड से जुड़ा है मामला
गौरतलब है कि 13 जनवरी 2026 को बिष्टुपुर सीएच एरिया निवासी उद्योगपति देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी का अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने 27 जनवरी को हजारीबाग के बरही के पास से बच्चे को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया था। इसी कार्रवाई में इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मानगो थाना में पूछताछ की जा रही थी।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने साईं मंदिर के पास हथियार छिपाए होने की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस टीम उन्हें मौके पर लेकर गई थी। तलाशी के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से तीन पिस्टल और कई खोखे भी बरामद किए।
इसे भी पढ़ें – जमशेदपुर में बाबा राइस मिल पर आयकर विभाग का शिकंजा, झारखंड-बिहार में कई ठिकानों पर एक साथ रेड+VDO
‘ऑपरेशन लंगड़ा’ की चर्चा
घटना के बाद शहर में चर्चा है कि जमशेदपुर पुलिस यूपी पुलिस की तर्ज पर ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ चला रही है, जिसमें अपराधियों को मुठभेड़ में पकड़ने की रणनीति अपनाई जा रही है। इससे पहले सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में भी एक अपराधी को पैर में गोली लगी थी।
फिलहाल पुलिस आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।




