Jamshedpur : झारखंड सरकार से अल्पसंख्यक समुदाय ने मस्जिदों के इमाम और मोअज्ज़िन को मासिक वेतन (Jharkhand Azan Moazzin) देने की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता बाबर खान ने कहा कि जिस तरह दिल्ली, हरियाणा, कर्नाटक, बंगाल, केरल और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में इमाम और मोअज्ज़िन (Jharkhand Azan Moazzin) को नियमित सैलरी मिलती है, उसी आधार पर झारखंड में भी यह व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
उन्होंने याद दिलाया कि लगभग 30 साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के इमामों को वक्फ़ बोर्ड के माध्यम से वेतन देने का आदेश दिया था। इसके बाद दिल्ली सरकार ने इसे लागू किया और कुछ साल पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इमामों का वेतन बढ़ाकर 18,000 रुपये तथा मोअज्ज़िन का 16,000 रुपये प्रति माह कर दिया है।
इसे भी पढ़ें – सोनारी ज्वेलरी शॉप लूटकांड : जमशेदपुर पुलिस ने पलामू से मास्टरमाइंड को दबोचा, कार भी बरामद
बाबर खान का कहना है कि झारखंड सरकार को भी अल्पसंख्यकों की इस अहम मांग को ध्यान में रखते हुए जल्द कदम उठाना चाहिए।




