Jamshedpur : जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी (Jamshedpur Women University) के तृतीय दीक्षांत समारोह में बुधवार को उत्साह और उपलब्धियों का माहौल रहा। कुल 1068 छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई, जिसमें 25 टॉपर छात्राओं को स्वर्ण पदक और 17 रैंक होल्डर्स को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह का आयोजन एक्सएलआरआई परिसर स्थित टाटा ऑडिटोरियम में किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे झारखंड के राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उपाधि केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि लंबे समर्पण और त्याग का प्रतीक है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि जिस भी क्षेत्र में आगे जाएं, अपने मूल्यों से समझौता न करें और सीखते रहने की आदत को कभी न छोड़ें। राज्यपाल ने विकसित भारत 2047 के निर्माण में योगदान देने का आह्वान भी किया।
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राज्यपाल ने यह भी बताया कि झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों को समय पर परीक्षा और समय पर परिणाम जारी करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेटियों की संख्या उच्च शिक्षा में बढ़ रही है, जो एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी विश्वविद्यालयों में श्रेष्ठ शिक्षा का माहौल विकसित हो।
जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय (Jamshedpur Women University) कोल्हान की हजारों बेटियों को शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में नई उड़ान दे रहा है। राज्यपाल ने कहा कि यह विश्वविद्यालय नारी सशक्तिकरण का मजबूत केंद्र बनकर उभरा है और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कामना की कि यह संस्थान देश के आदर्श विश्वविद्यालयों में शामिल हो।
समारोह के दौरान राज्यपाल ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के हालिया प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की बेटियां आज हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं और जमशेदपुर की छात्राएं भी इस प्रेरणा को आगे बढ़ाएंगी।
कार्यक्रम की शुरुआत एकेडमिक प्रोसेशन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। विश्वविद्यालय की प्रभारी कुलपति डॉ. अंजिला गुप्ता ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समारोह में कुलसचिव डॉ. सलोमी कुजूर, डीएसडब्ल्यू डॉ. सुधीर साहू, प्रो. राजेंद्र जायसवाल सहित विश्वविद्यालय के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक-शिक्षिकाएं और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।




