Jamshedpur : टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन (Jamshedpur Tata Motors Workers Union) की वैधता को लेकर हाई कोर्ट में चल रहा केस फाइनल स्टेज पर पहुंच गया है। हाई कोर्ट के जज दीपक रोशन ने इस केस में अब अंतिम सुनवाई की तारीख 21 अगस्त तय कर दी है। माना जा रहा है कि 21 अगस्त को इस केस का फैसला सुना दिया जाएगा।
2 जुलाई को आज बुधवार को हाई कोर्ट में 14 नंबर अदालत में केस की सुनवाई हुई। जज दीपक रोशन थे। टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन और टाटा मोटर्स (Jamshedpur Tata Motors) के वकील नहीं आए थे। उनके जूनियर वकील ने कहा कि इस मामले में तारीख तय की जाए। क्योंकि उनके वरिष्ठ अधिवक्ता नहीं हैं। जबकि, टेल्को वर्कर्स यूनियन की तरफ से नियुक्त किए गए अधिवक्ता अनिल मिश्रा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस केस के एडमिशन पर बहस हो चुकी है। इसलिए अब अंतिम सुनवाई होनी चाहिए। इस पर न्यायालय ने 21 अगस्त की तारीख तय की है।

Jamshedpur Tata Motors की टेल्को वर्कर्स यूनियन
अब इस तारीख को फैसला होगा कि टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन को टाटा मोटर्स के कर्मचारियों की तरफ से प्रतिनिधित्व का अधिकार है या नहीं है। टेल्को वर्कर्स यूनियन के सदस्य हर्षवर्धन ने बताया कि टाटा मोटर्स में टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन को फर्जी तरीके से तैयार किया गया है। संविधान में संशोधन कर टेल्को वर्कर्स यूनियन के सदस्यों को इसमें शामिल किया गया। जबकि, नियमानुसार यूनियन के स्ट्रक्चर में बदलाव नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन पहले टीएमएल ड्राइव लाइन यूनियन थी। यह यूनियन एक्सेल और गियर बॉक्स डिवीजन का प्रतिनिधित्व करती थी।
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एक्सेल और गियर बॉक्स डिविजन अलग कंपनी थी। बाद में इसका टाटा मोटर्स में विलय कर दिया गया। लेकिन यूनियन का विलय तो हुआ नहीं था। उन्होंने बताया कि टेल्को वर्कर्स यूनियन कर्मचारियों के मुद्दे को उठाया करती थी। इसीलिए टाटा मोटर्स के अधिकारियों ने मिली भगत कर टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन बनवाई। टेल्को वर्कर्स यूनियन ने टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के खिलाफ साल 2017 में हाई कोर्ट में रिट दायर की थी। इसी केस में 21 अगस्त को फैसला होना है।




