जमशेदपुर में कृषि, पशुपालन व मत्स्य विभागों की समीक्षा बैठक, किसानों की आमदनी बढ़ाने पर रहा विशेष फोकस
Jamshedpur : (Jamshedpur News) जमशेदपुर के डीसी आफिस सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में कृषि, सहकारिता, मत्स्य, पशुपालन एवं संबंधित विभागों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और किसानों की आय में इजाफा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना था।
Jamshedpur News: मीटिंग में तैयार हुई कार्ययोजना
बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों ने अब तक की योजनागत प्रगति से उपायुक्त को अवगत कराया। साथ ही भविष्य की कार्ययोजना को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ताकि किसानों को सीधे लाभ मिल सके।
आलू की फसल को मौसम से हुए नुकसान पर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रभावित किसानों को सहायता देने के लिए त्वरित सर्वे कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
Jamshedpur News: अब बायोफ्लाक तकनीक से मछली पालन

Jamshedpur News: जमशेदपुर डीसी ऑफिस में मीटिंग करते डीसी
मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत लाभुकों के चयन में पारदर्शिता बरतने और बायोफ्लॉक तकनीक को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। साथ ही सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना का लाभ सभी मत्स्य पालकों तक पहुंचाने को कहा गया।
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पटमदा, धालभूमगढ़, पोटका, घाटशिला, मुसाबनी और बहरागोड़ा प्रखंडों में संचालित कृषक पाठशालाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अधिक से अधिक किसानों को इन कार्यक्रमों से जोड़ा जाए, ताकि वे आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ पशुपालन, बकरीपालन और मत्स्यपालन जैसी बहुआयामी गतिविधियों को बढ़ावा देना जरूरी है, जिससे किसानों के आय स्रोत मजबूत हों।
इसके अलावा किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के गठन की प्रक्रिया को तेज करने, किसानों को बाजार से सीधे जोड़ने और मॉडल फार्म विकसित करने की बात भी कही गई। वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने से उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार संभव है।
बैठक में अपर उपायुक्त भगीरथ प्रसाद, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, मत्स्य पदाधिकारी, एलडीएम, जल संसाधन, लघु सिंचाई विभाग, केवीके प्रतिनिधि व कृषक पाठशाला संचालक उपस्थित थे।




