Jamshedpur (Jharkhand ) : जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान आजाद बस्ती की 23 वर्षीय मुस्कान खातून की मौत का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) तक पहुंच गया है। इस घटना के बाद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं को लेकर कई गंभीर सवाल उठने (Jamshedpur News) लगे हैं।
जन विकास मंच के अध्यक्ष एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु ने इस मामले की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में दर्ज कराई है। आयोग ने शिकायत को केस डायरी संख्या 17685/IN/2026 के तहत स्वीकार करते हुए दर्ज (Jamshedpur News) कर लिया है।
सौरभ विष्णु का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने नए एमजीएम अस्पताल में आधुनिक भवन तो तैयार है, लेकिन मरीजों को जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर नहीं मिल पा रही हैं। उनका कहना है कि अस्पताल का पुराना वेंटिलेटर लंबे समय से खराब है और नए वेंटिलेटर का भी मरीजों को समुचित लाभ नहीं मिल रहा है। उनका दावा है कि समय पर वेंटिलेटर उपलब्ध होता तो मुस्कान खातून की जान बचाई जा सकती थी।
उन्होंने अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार अस्पताल की अधिकांश लिफ्ट खराब हैं, कई वाटर फिल्टर बंद पड़े हैं और एम्बुलेंस सेवा भी पर्याप्त नहीं है। इससे बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, दिव्यांग और गंभीर मरीजों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायत में कहा गया है कि समय पर उपचार और आवश्यक संसाधनों का अभाव मरीजों के जीवन के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय है। इसलिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई है।
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इसके साथ ही एमजीएम अस्पताल में वेंटिलेटर, आईसीयू, एम्बुलेंस, विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को तत्काल दुरुस्त करने की भी अपील की गई है। सौरभ विष्णु ने कहा कि इलाज में संसाधनों की कमी के कारण किसी भी मरीज की मौत नहीं होनी चाहिए और सरकार को ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जवाबदेही तय करनी होगी।




