Jamshedpur (Jharkhand) : एमजीएम अस्पताल की इमरजेंसी में शनिवार को बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का एक और मामला सामने आया। मानगो गुरुद्वारा रोड निवासी 34 वर्षीय विक्की सिंह की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे ऑटो से अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन स्ट्रेचर नहीं मिलने के कारण उसे काफी देर तक ऑटो (Jamshedpur Health News) में ही बैठाकर रखना पड़ा। बाद में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद करीब 15 मिनट तक स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हो सका, जबकि कुछ लोगों ने स्ट्रेचर के इंतजार का समय करीब 40 मिनट बताया। इस दौरान गंभीर हालत में मरीज ऑटो में ही तड़पता (Jamshedpur Health News) रहा।
बताया गया कि शुक्रवार रात से ही विक्की सिंह की तबीयत खराब थी। शनिवार को हालत बिगड़ने पर परिजन उसे ऑटो से एमजीएम अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे। अस्पताल के बाहर स्ट्रेचर नहीं मिलने पर परिजन परेशान रहे। काफी इंतजार के बाद दो लोग मरीज को उठाकर अस्पताल के अंदर ले गए और बाद में उसे चेयर पर बैठाकर इमरजेंसी तक पहुंचाया गया।
इमरजेंसी में चिकित्सकों ने जांच के बाद विक्की सिंह को मृत घोषित कर दिया। रिश्तेदार शुभजीत सिंह ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि गंभीर मरीजों को समय पर स्ट्रेचर तक नहीं मिल पा रहा है और परिजनों को मरीजों को खुद उठाकर इमरजेंसी तक ले जाना पड़ता है।
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परिजनों ने एमजीएम अस्पताल प्रबंधन से इमरजेंसी व्यवस्था में सुधार और गंभीर मरीजों के लिए पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर उपलब्ध कराने की मांग की है।




