Jamshedpur (Jharkhand) : पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की पहल पर समाहरणालय परिसर में आयोजित एक दिवसीय आम महोत्सव किसानों के लिए लाभकारी साबित हुआ। उपायुक्त राजीव रंजन ने कार्यक्रम का उद्घाटन (Jamshedpur Mango Festival) करते हुए कहा कि जिला प्रशासन किसानों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयासरत है, ताकि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
Jamshedpur Mango Festival के उद्घाटन के बाद उपायुक्त ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और किसानों तथा उत्पादक समूहों द्वारा प्रदर्शित आम की विभिन्न किस्मों का अवलोकन किया। उन्होंने किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों को अपनाने, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन बढ़ाने और बाजार की मांग के अनुरूप खेती करने के लिए प्रेरित किया।
उपायुक्त ने कहा कि आम महोत्सव का उद्देश्य किसानों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ना है। जिला स्तर पर किए जा रहे मार्केट लिंकेज के प्रयासों से किसानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं और जिले के आम अब अन्य जिलों के बाजारों तक भी पहुंच रहे हैं।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने कहा कि बेहतर आम उत्पादन के लिए पौध संरक्षण और वैज्ञानिक बागवानी तकनीकों का उपयोग जरूरी है। उन्होंने बताया कि लाभुकों, बागवानी सखियों और मनरेगा कर्मियों को नियमित प्रशिक्षण देकर आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मेले में जिले के सभी 11 प्रखंडों के किसानों के साथ जेएसएलपीएस से जुड़े चार किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) ने भाग लिया। बड़ी संख्या में शहरवासियों ने किसानों से सीधे आम की खरीदारी की। महोत्सव के दौरान कुल 1,074 किलोग्राम आम की बिक्री हुई, जिससे किसानों को 53,700 रुपये की आय प्राप्त हुई।
जिला प्रशासन का यह आयोजन किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और बागवानी आधारित कृषि को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सफल पहल के रूप में सामने आया।
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पूर्वी सिंहभूम जिले में आम की बागवानी साल 2016-17 से शुरू हुई है। वर्तमान समय में 6000 हेक्टेयर में आम की बागवानी हो रही है। इस साल साल 2026 में 96 हजार 249 किलोग्राम पैदावार हुई है। इसमें से 21 हजार 17 किलो आम बेचा जा चुका है। पिछले साल पूर्वी सिंहभूम जिले के 14 किसानों के आम की बिक्री विदेश और देश के विभिन्न बाजारों में की गई थी। इससे 5 लाख 12 हजार रुपए की आमदनी हुई थी। जिले में आम की सफल बागवानी को लेकर छत्तीसगढ़ से अधिकारियों का एक दल यहां आया था। उसने बोड़ाम और पटमदा जाकर किसानों से उन्नत बागवानी के टिप्स लिए थे।




