Jamshedpur (Jharkhand) : जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन परिसर में लोको पायलट गितेंदु कुमार की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए बागबेड़ा के एक जमीन कारोबारी और उसके दो बेटों को नामजद (Jamshedpur Loco Pilot Murder) किया है। घटना सोमवार देर रात संयुक्त चालक एवं परिचालक लॉबी के सामने हुई, जब गितेंदु कुमार मालगाड़ी (Jamshedpur Loco Pilot Murder) लगाकर वहां जा रहे थे।
मृतक की पत्नी रीना रानी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। रीना रानी आदित्यपुर के कुलुरटांगा स्थित एकलव्य सिटी की रहने वाली हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि इस हत्याकांड के पीछे बागबेड़ा कॉलोनी निवासी राजकिशोर सिंह, उनके बेटे अविनाश सिंह और एक अन्य बेटे का हाथ है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गितेंदु कुमार और राजकिशोर सिंह के बीच जमीन कारोबार को लेकर साझेदारी थी। हरहरगुट्टू इलाके में पेट्रोल पंप के पास करीब 72 लाख रुपये में जमीन खरीदी गई थी। इसी दौरान 35 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर दोनों के बीच विवाद गहराता गया, जो अंततः हत्या की वजह बना।
सूत्रों के मुताबिक, हत्या की साजिश पहले से रची गई थी। बदमाशों को गितेंदु कुमार की गतिविधियों की सटीक जानकारी थी और वे पहले से स्टेशन के आसपास घात लगाए बैठे थे। जैसे ही वह पहुंचे, बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाकर गोली मार दी।
पुलिस इस मामले को पेशेवर हत्या मानते हुए जांच कर रही है। अब तक सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस मृतक और संदिग्धों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाल रही है, ताकि हत्या से पहले की गतिविधियों और संपर्कों का पता लगाया जा सके।
रीना रानी ने यह भी बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनके पति का किसी से फोन पर विवाद चल रहा था। पुलिस उस व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है।
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डीएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) तौकीर आलम ने कहा कि पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं और जल्द ही पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। शहर के विभिन्न इलाकों में लगातार छापेमारी की जा रही है और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।




