Jamshedpur (Jharkhand): सुंदरनगर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में मंगलवार को किए गए औचक निरीक्षण (Potka MLA Inspection) ने शिक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति उजागर कर दी। पोटका के विधायक संजीव सरदार जब स्कूल पहुंचे, तो अव्यवस्था का ऐसा नजारा सामने आया जिसने सभी को (Potka MLA Inspection) चौंका दिया।
निरीक्षण के दौरान सबसे पहले तब असहज स्थिति बन गई जब 12 वर्षों से कार्यरत वार्डन रीना कुमारी सिंह विधायक को पहचान नहीं सकीं। परिचय देने के बाद भी वार्डन ने उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया, जिससे माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया।
कक्षाओं की स्थिति और भी चिंताजनक रही। कक्षा 12 और 11 में छात्राएं मौजूद थीं, लेकिन शिक्षक पूरी तरह नदारद मिले। जब छात्राओं से सामान्य ज्ञान के सवाल पूछे गए, तो कोई भी जवाब नहीं दे सकी। कक्षा 10 में 68 छात्राएं थीं, लेकिन वहां भी शिक्षक नहीं थे। कई अन्य कक्षाएं पूरी तरह खाली पाई गईं।
विद्यालय के किचन का हाल भी बेहद खराब मिला। गंदगी, मक्खियों का जमावड़ा और अस्वच्छ माहौल देखकर विधायक ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह का भोजन छात्राओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है और तुरंत सुधार जरूरी है।
निरीक्षण के दौरान दाखिले में अनियमितता की शिकायतें भी सामने आईं। पुड़िहासा गांव के एक अभिभावक ने आरोप लगाया कि बीपीएल परिवार से होने के बावजूद उनकी बेटी का दाखिला नहीं लिया गया, जबकि नियमों की अनदेखी कर अन्य छात्राओं का एडमिशन किया गया। विधायक ने इस मामले की जांच कराने का भरोसा दिया।
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विधायक संजीव सरदार ने कहा कि विद्यालय में 22 शिक्षक पदस्थापित हैं, लेकिन उनकी अनुपस्थिति से छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने जिला प्रशासन को तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए और कहा कि इस पूरे मामले की जानकारी राज्य के शिक्षा मंत्री को भी दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्राओं की शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।




