Jamshedpur (Jharkhand) : पूर्वी सिंहभूम जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और ओडिशा के डैमों के फाटक खोले जाने के बाद खरकई और सुवर्णरेखा नदियों का जलस्तर लगातार (Jamshedpur Flood)बढ़ रहा है। दोनों नदियां खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही हैं। नदी किनारे और निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। जिले में करीब 2500 से अधिक मकानों के प्रभावित (Jamshedpur Flood ) होने की सूचना है।
कदमा में अपने घर का दरवाजा बंद करने गए टीपू खान बाढ़ के पानी में डूब गए। घटना के बाद उनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। एनडीआरएफ की टीम उनकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। वहीं कदमा में ही रीता कुमारी, दिलीप रजक, संगीता रजक, शिल्पा और मुन्ना समेत कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जिले के अलग-अलग इलाकों में अब तक करीब 15 लोगों को एनडीआरएफ और राहत-बचाव टीमों ने रेस्क्यू किया है।
खतरे के निशान से कई मीटर ऊपर बह रही दोनों नदियां
मंगलवार शाम चार बजे सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर 122.96 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 121.50 मीटर है। इस तरह नदी खतरे के निशान से 1.46 मीटर ऊपर बह रही थी। इसी समय खरकई नदी का जलस्तर 134.37 मीटर था। इसका खतरे का निशान 129 मीटर है।
रात आठ बजे सुवर्णरेखा का जलस्तर बढ़कर 123.82 मीटर पहुंच गया। नदी खतरे के निशान से 2.32 मीटर ऊपर बहने लगी। वहीं खरकई नदी का जलस्तर 135.45 मीटर पहुंच गया और यह खतरे के निशान से 6.45 मीटर ऊपर बह रही थी।
रात 10 बजे तक सुवर्णरेखा का जलस्तर 123.98 मीटर पहुंच गया। यह खतरे के निशान से 2.48 मीटर ऊपर है। वहीं खरकई नदी 135.70 मीटर पर बह रही थी, जो खतरे के निशान से 6.70 मीटर ऊपर है।
बागबेड़ा, जुगसलाई और मानगो में बिगड़े हालात
बागबेड़ा के कई इलाकों में बाढ़ (Jamshedpur Flood) का पानी घरों में घुस गया है। बागबेड़ा नया बस्ती में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। स्लुईस गेट की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण नदी का पानी नाले के रास्ते तेजी से बस्ती में प्रवेश कर गया। इससे सैकड़ों घर प्रभावित हुए हैं।
बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष एवं भाजपा नेता सुबोध झा ने प्रशासन से प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और भोजन-पानी की व्यवस्था करने की मांग की है।
जुगसलाई शास्त्री नगर, गरीब नवाज कॉलोनी, मिल्लत नगर, इस्लामनगर के निचले हिस्से, शिव घाट रोड और एमई स्कूल रोड के निचले हिस्से में भी पानी भर गया है। मानगो से कपाली को जोड़ने वाले दो पुल भी पानी में डूब गए हैं। इनमें जाबिर पुल भी शामिल है। पुलों के डूबने से कपाली का जमशेदपुर से संपर्क प्रभावित हुआ है।
मानगो में 19 शेल्टर, अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती
बाढ़ (Jamshedpur Flood ) प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए मानगो में सरकारी भवनों और स्कूलों को शेल्टर सेंटर बनाया गया है। इनमें वर्कर्स कॉलेज, बावनगोड़ा मध्य विद्यालय, करीम सिटी कॉलेज, राष्ट्रपिता गांधी मध्य विद्यालय, पारडीह कौशल विकास केंद्र, गुरु गोविंद सिंह मध्य विद्यालय, जेपी स्कूल, सामुदायिक भवन खड़िया बस्ती और प्राथमिक विद्यालय शंकोसाई रोड नंबर-2 सहित अन्य केंद्र शामिल हैं।
मानगो के सहायक नगर आयुक्त चंदन कुमार और आकिब जावेद को वरीय पदाधिकारी बनाया गया है। नगर प्रबंधक निशांत कुमार, दिनेश्वर यादव, प्रदीप कुमार और निर्मल कुमार को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। राहत केंद्रों पर कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है।
जुगसलाई में राहत केंद्र तैयार
जुगसलाई में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए नसीम मैरिज हॉल, कब्रिस्तान हॉल, बालक मध्य विद्यालय, एमई स्कूल रोड और महेश्वरी मंडल एमई स्कूल रोड को शेल्टर के रूप में तैयार किया गया है। यहां राहत और बचाव कार्य के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

कदमा में पहुंची एनडीआरएफ की टीम
बागबेड़ा में भी राहत केंद्र बनाए गए
बागबेड़ा नया बस्ती, बाबा कुटी, बड़ौदा घाट, गणेश नगर और शिव नगर बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रभावित लोगों के लिए सरस्वती शिशु मंदिर, डीबी रोड और पश्चिम बागबेड़ा पंचायत भवन को शेल्टर बनाया गया है।
बाढ़ पीड़ितों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अनिल कुमार और सहायक गोदाम प्रबंधक बबलू नामता को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
जेएनएसी ने तैयार किए राहत केंद्र

जमशेदपुर में बाढ़
जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) ने भी बाढ़ की आशंका को देखते हुए शेल्टर सेंटर तैयार किए हैं। शास्त्री नगर भुइयांडीह, कान्हू भट्ठा, बाबूडीह, बागुनहातु और रूपनगर समेत कई इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
सरदार माधव सिंह विद्यालय साउथ पार्क, करीमिया स्कूल, शास्त्री नगर महिला ट्रेनिंग सेंटर, हिंद क्लब, निर्मल सेवा सदन, बाल्डविन स्कूल, ईसीसी फ्लैट हाउस, फुटबॉल मैदान भवन, निर्मल महतो सामुदायिक भवन, कौशल विकास भवन, भारत सेवा श्रम विकास भवन, बागुनहातु चौक और डीएवी पब्लिक स्कूल पटेल नगर भुइयांडीह को राहत केंद्र के तौर पर तैयार किया गया है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
उपायुक्त राजीव रंजन ने जिले की स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा है कि मौसम को देखते हुए नदियों के जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना है। जिला प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है।
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प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को स्थिति बिगड़ने पर तत्काल सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया है। सामुदायिक भवनों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर राहत शिविर तैयार किए गए हैं, जहां प्रभावित लोगों के ठहरने, भोजन और पेयजल की व्यवस्था की जा रही है।




