Jamshedpur (Jharkhand) : जमशेदपुर में बाढ़ की स्थिति में बुधवार सुबह कुछ सुधार देखने को मिला है। स्वर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन दोनों नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह (Jamshedpur Flood) रही हैं। बाढ़ का पानी बागबेड़ा, शास्त्री नगर और मानगो की कई बस्तियों में घुसा हुआ है। जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों से पानी निकालने के लिए मोटर पंप लगाने और राहत कार्य तेज करने के निर्देश (Jamshedpur Flood) दिए हैं।
मानगो ब्रिज के पास स्वर्णरेखा नदी का खतरे का निशान 121.50 मीटर है, जबकि बुधवार सुबह इसका जलस्तर 123.20 मीटर दर्ज किया गया। इस प्रकार स्वर्णरेखा अभी भी खतरे के निशान से करीब 1.70 मीटर ऊपर बह रही है।
वहीं, आदित्यपुर ब्रिज के पास खरकई नदी का खतरे का निशान 129 मीटर है, जबकि इसका जलस्तर 133.60 मीटर दर्ज किया गया। यानी खरकई नदी अभी भी खतरे के निशान से करीब 4.60 मीटर ऊपर है।
मंगलवार रात 10 बजे स्वर्णरेखा नदी खतरे के निशान से 2.48 मीटर ऊपर और खरकई नदी 6.70 मीटर ऊपर बह रही थी। इसके मुकाबले बुधवार सुबह दोनों नदियों के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। जलस्तर नीचे आने के ट्रेंड से जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है, हालांकि नदी तटीय इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है।
बाढ़ की चपेट में हजारों घर, एनडीआरएफ का रेस्क्यू जारी
जमशेदपुर के कई नदी तटीय इलाके अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। बागबेड़ा, शास्त्री नगर, मानगो समेत कई बस्तियों में हजारों घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।
कदमा इलाके में बाढ़ के पानी में टीपू खान नामक एक युवक के डूबने की सूचना है। उसकी तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है। प्रशासन लोगों से नदी और जलजमाव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील कर रहा है।
जलजमाव वाले क्षेत्रों से मोटर पंप से निकलेगा पानी
जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने जलजमाव वाले क्षेत्रों में तत्काल पानी की निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जुस्को के सहयोग से शास्त्री नगर, रामजनमनगर, बागबेड़ा समेत अन्य प्रभावित इलाकों में मोटर पंप के माध्यम से जल निकासी कराई जाएगी।
नगर निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जलजमाव वाले इलाकों की लगातार निगरानी करें और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त मशीनरी तथा संसाधनों की व्यवस्था करें, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।
राहत शिविरों में जरूरी सुविधाएं रखने के निर्देश
जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति, जुगसलाई नगर परिषद और मानगो नगर निगम के अधिकारियों को संभावित प्रभावित लोगों के लिए चिन्हित आश्रय स्थलों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने को कहा गया है।
राहत एवं आश्रय स्थलों पर भोजन, पेयजल, फर्स्ट एड, प्रकाश, स्वच्छता और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पानी उतरने के बाद सफाई, ब्लीचिंग और फॉगिंग
जिन इलाकों में पानी कम हो गया है या जल निकासी हो चुकी है, वहां युद्धस्तर पर साफ-सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई के साथ ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और फॉगिंग कराई जाएगी।
प्रशासन ने जलजमाव के बाद गंदगी और मच्छरों के प्रजनन से होने वाली बीमारियों की आशंका को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वच्छता एवं मच्छररोधी गतिविधियां संचालित करने को कहा है।
स्वास्थ्य विभाग को किया गया अलर्ट
प्रभावित और संभावित प्रभावित क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है। जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता और स्वास्थ्य संबंधी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
नागरिकों से अपील की गई है कि वे जलजमाव के बाद आसपास की सफाई का विशेष ध्यान रखें, दूषित पानी के सेवन से बचें और किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
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प्रशासन ने सतर्क रहने की अपील की
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है।
उपायुक्त राजीव रंजन ने नदी के डूब क्षेत्र और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से पूरी तरह सतर्क रहने को कहा (Jamshedpur Flood ) है। जलस्तर में अभी भी उतार-चढ़ाव की संभावना को देखते हुए लोगों से किसी तरह का जोखिम नहीं लेने की अपील की गई है। जरूरत पड़ने पर प्रशासन द्वारा चिन्हित आश्रय स्थलों या सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। साथ ही नदी, नाला और जलजमाव वाले क्षेत्रों के पास अनावश्यक रूप से नहीं जाने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।




