News Bee : पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी आपत्तियों और क्षेत्रीय संघर्ष के बढ़ने की आशंकाओं के बावजूद इजरायल ने दक्षिणी बेरूत में हवाई हमला कर हिज्बुल्लाह के मुख्यालय को निशाना बनाया। इस कार्रवाई के बाद ईरान ने भी जवाबी हमला करते हुए इजरायल के कब्जे वाले क्षेत्रों पर मिसाइलों की बौछार कर दी।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बेरूत के दहियेह इलाके में स्थित हिज्बुल्लाह के प्रभाव वाले क्षेत्र में कई जोरदार धमाके सुनाई दिए। बताया गया है कि अल-म्रेइजेह इलाके की एक इमारत पर तीन मिसाइलें दागी गईं। लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के मुताबिक, इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई जबकि 11 अन्य घायल हो गए।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि सेना ने हिज्बुल्लाह के कमांड सेंटर को निशाना बनाया है। उनका दावा है कि यह कार्रवाई उत्तरी इजरायल पर हिज्बुल्लाह द्वारा किए जा रहे लगातार हमलों के जवाब में की गई है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले नेतन्याहू से बातचीत के दौरान बेरूत पर बड़े हमलों को लेकर चिंता जताई थी। अमेरिका का मानना था कि ऐसी कार्रवाई से ईरान की प्रतिक्रिया तेज हो सकती है और युद्धविराम तथा शांति वार्ता के प्रयासों को झटका लग सकता है।
हालांकि, इजरायली और अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि रविवार को किए गए हमले की जानकारी इजरायल ने पहले ही अमेरिका को दे दी थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने एक साक्षात्कार में कहा कि वह लेबनान को ईरान के साथ किसी व्यापक समझौते का हिस्सा बनाने की मांग नहीं कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने इजरायल से हिज्बुल्लाह के खिलाफ अधिक सटीक और सीमित सैन्य कार्रवाई करने की सलाह दी थी।
इधर, ईरानी सशस्त्र बलों ने रविवार को इजरायली ठिकानों पर मिसाइल हमला कर जवाब दिया। ईरान की सशस्त्र सेनाओं के केंद्रीय कमान मुख्यालय खातम अल-अंबिया ने चेतावनी दी है कि यदि लेबनान पर इजरायली हमले जारी रहे तो और अधिक कड़े तथा निर्णायक जवाब दिए जाएंगे।
गौरतलब है कि फरवरी के अंत से लेबनान और हिज्बुल्लाह लगातार इजरायली हमलों का सामना कर रहे हैं। ईरान ने अप्रैल में हुए संघर्षविराम को इस शर्त पर स्वीकार किया था कि उसके क्षेत्रीय सहयोगियों, विशेषकर हिज्बुल्लाह, पर हमले रोके जाएंगे। वहीं हिज्बुल्लाह ने संकेत दिया है कि वह इजरायल के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेगा।
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लगातार बढ़ते इस संघर्ष के कारण हजारों लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। पश्चिम एशिया के इस घटनाक्रम पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। झारखंड सहित भारत के विभिन्न हिस्सों में भी लोग क्षेत्र की बदलती स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं।




