News Bee: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने Tel Aviv में 100 से अधिक ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला कर जवाबी कार्रवाई ( Iran America War) की है। यह हमला ईरान के पूर्व शीर्ष सुरक्षा अधिकारी Ali Larijani की शहादत के बाद किया गया, जिन्हें हालिया अमेरिकी-इजरायली हमले में “शहीद” बताया गया है।
IRGC ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि यह कार्रवाई “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” की 61वीं लहर के तहत की गई। इस दौरान मल्टी-वारहेड मिसाइलों—खोर्रमशहर-4, क़द्र, इमाद और खैबर शिकन का इस्तेमाल कर इजरायली सैन्य और सुरक्षा ठिकानों को निशाना (Iran America War) बनाया गया।
IRGC के अनुसार, हमले इतने तेज थे कि इसराइल की मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम प्रभावी रूप से काम नहीं कर सका। इन हमलों में 100 से अधिक अहम ठिकानों को बिना किसी रुकावट के निशाना बनाया गया। हमले के बाद तोल अबीब के कुछ हिस्सों में आंशिक ब्लैकआउट की स्थिति भी सामने आई है। साथ ही राहत और बचाव कार्यों में भी इजरायली एजेंसियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। IRGC ने दावा किया है कि अब तक इस ऑपरेशन में 230 से ज्यादा इसराइली नागरिक मारे गए या घायल हुए हैं।
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यह जवाबी कार्रवाई उस समय शुरू हुई जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हालिया सैन्य कार्रवाई की। IRGC के अनुसार, जवाबी हमलों में Jerusalem (अल-कुद्स), Haifa, Beersheba और नेगेव रेगिस्तान जैसे रणनीतिक इलाकों को भी निशाना बनाया गया है।
इसके अलावा, क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानो कतर, बहरीन, यूएई, कुवैत और सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर भी हमलों की खबर सामने आई है।




