News Bee : अमेरिका और ईरान के बीच चल रही दशकों पुरानी तनातनी में “फ्रीज्ड एसेट्स” यानी जब्त धन सबसे बड़ा विवाद (Iran America War) बन चुका है। 1979 की Iranian Revolution के बाद से लेकर आज तक ईरान के अरबों डॉलर विदेशों में फंसे हुए हैं। अनुमान है कि यह रकम 80 से 120 अरब डॉलर (Iran America War) के बीच हो सकती है।
Iran America War: 1979 से शुरू हुआ आर्थिक टकराव
14 नवंबर 1979 को अमेरिकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए करीब 8 अरब डॉलर के ईरानी एसेट्स को फ्रीज कर दिया। इसमें ईरान के सेंट्रल बैंक और सरकारी संस्थानों के खाते भी शामिल थे। इसके बाद कई अंतरराष्ट्रीय बैंकों और कंपनियों ने ईरान से अपने रिश्ते खत्म कर लिए। 1981 के अल्जीयर्स समझौते के तहत कुछ रकम वापस मिली, लेकिन पूरी नहीं। इससे ईरान को आर्थिक और राजनीतिक झटका लगा।
Iran America War: दुनिया भर में फंसा ईरान का पैसा
समय के साथ ईरान के फंड कई देशों में फंसते गए। दक्षिण कोरिया में करीब 7 अरब डॉलर, चीन में 20-30 अरब डॉलर और जापान, यूएई, कतर जैसे देशों में भी बड़ी रकम अटकी हुई है। ये पैसे मुख्य रूप से तेल व्यापार से जुड़े हैं, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान इन्हें इस्तेमाल नहीं कर पा रहा।
Iran America War : न्यूक्लियर डील से मिली राहत, फिर झटका
2015 में Joint Comprehensive Plan of Action (JCPOA) के बाद ईरान को 50-60 अरब डॉलर तक की राहत मिली। लेकिन 2018 में डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया और फिर से कड़े प्रतिबंध लगा दिए। इससे पहले रिलीज हुए फंड भी दोबारा फ्रीज हो गए।
‘मैक्सिमम प्रेशर’ और क्रिप्टो का रास्ता
ट्रंप प्रशासन की “मैक्सिमम प्रेशर” नीति के बाद ईरान ने नया रास्ता अपनाया। उसने Bitcoin जैसी क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग शुरू किया। ईरान ने बड़े पैमाने पर बिटकॉइन माइनिंग शुरू की और अंतरराष्ट्रीय भुगतान के लिए इसका इस्तेमाल किया, जिससे वह पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम और SWIFT प्रतिबंधों से बच सके।
6 अरब डॉलर और कतर का मामला
2023 में अमेरिका-ईरान कैदी अदला-बदली के दौरान करीब 6 अरब डॉलर कतर में ट्रांसफर किए गए, लेकिन शर्त थी कि यह पैसा केवल खाद्य और दवाओं पर खर्च होगा। बाद में 2024 के तनाव के बाद इस रकम को फिर से रोक दिया गया।
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2026 की बातचीत और नई शर्तें
2026 में युद्धविराम के बाद इस्लामाबाद में हुई बातचीत में ईरान ने साफ कर दिया कि बिना फंड रिलीज के कोई समझौता नहीं होगा। ईरान ने Strait of Hormuz से तेल आपूर्ति को भी दबाव के तौर पर इस्तेमाल किया, जिससे वैश्विक स्तर पर असर पड़ा।
कुल रकम कितनी?
विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के कुल फ्रीज्ड एसेट्स 80 से 120 अरब डॉलर के बीच हैं। इसमें तेल राजस्व, विदेशी मुद्रा भंडार और अन्य निवेश शामिल हैं।




