Tehran : तेहरान से सामने आई एक अहम जानकारी के मुताबिक, हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते के नए पहलुओं (Iran America Tension) का खुलासा हुआ है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए दो सप्ताह के युद्धविराम के तहत शुरुआत में ईरान को प्रतिदिन सीमित संख्या में जहाजों के गुजरने की अनुमति (Iran America Tension) देनी थी।
हालांकि, लेबनान में युद्धविराम के पूरी तरह लागू नहीं होने और हिज़्बुल्लाह तथा इज़राइल के बीच संघर्ष विराम शामिल न होने के कारण ईरान ने इस समझौते को बीच में ही निलंबित कर दिया। इसके बाद जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पर फिर से अनिश्चितता की स्थिति बन गई।
सूत्र के अनुसार, ईरान ने जहाजों के आवागमन के लिए तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं। पहली, केवल वाणिज्यिक (कमर्शियल) जहाजों को ही अनुमति होगी, सैन्य जहाजों पर पूरी तरह रोक रहेगी और माल भी शत्रु देशों से जुड़ा नहीं होना चाहिए। दूसरी, सभी जहाजों को ईरान द्वारा तय किए गए मार्ग से ही गुजरना होगा। तीसरी, जहाजों की आवाजाही ईरानी सुरक्षा बलों के साथ समन्वय में होगी, क्योंकि पहले से ही इस क्षेत्र के प्रबंधन की जिम्मेदारी ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के पास है।
सूत्र ने यह भी स्पष्ट किया कि लेबनान में प्रभावी युद्धविराम जैसे पूर्व शर्तों का पालन ईरान के फैसले के लिए बेहद जरूरी है। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहती है, तो इसे युद्धविराम का उल्लंघन माना जाएगा और जलडमरूमध्य को फिर से बंद किया जा सकता है।
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इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि युद्धविराम की शेष अवधि के दौरान सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला रहेगा। वहीं अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला है, लेकिन ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक समझौता पूरी तरह पूरा नहीं हो जाता।




