Jamshedpur : : ऑल इंडिया माइनॉरिटी सोशल वेलफेयर फ्रंट के केंद्रीय महासचिव बाबर खान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनई के निधन( Iran Ayatullah Khamenai) पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे केवल ईरान ही नहीं, बल्कि पूरी उम्मत-ए-इस्लाम के लिए गम का दिन बताया।
बाबर खान ने कहा कि खामेनई (Iran Ayatullah Khamenai) एक बड़े अलीम-ए-इस्लाम थे, जिन्होंने जीवनभर अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उनके अनुसार, 87 वर्षीय खामेनई ने इमाम हसन और इमाम हुसैन के पदचिन्हों पर चलते हुए किसी भी दबाव के आगे झुकने से इनकार किया और इस्लामी मूल्यों की रक्षा के लिए डटे रहे।
अपने बयान में बाबर खान ने आरोप लगाया कि दो शक्तिशाली देशों की कार्रवाई में खामेनई की मौत हुई, जिसे उन्होंने “शहादत” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह घटना नए कर्बला की तरह है, जो सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने वालों को प्रेरणा देगी।
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उन्होंने इजराइल और अमेरिका की कड़ी निंदा करते हुए कुछ मुस्लिम देशों की चुप्पी पर भी नाराजगी जताई। बाबर खान के मुताबिक, मुस्लिम देशों की खामोशी आने वाले समय में गंभीर परिणाम ला सकती है। अंत में उन्होंने कहा कि खामेनई का विचार, संघर्ष और संदेश हमेशा जिंदा रहेगा।




