News Bee: ईरान और अमेरिका (Iran-America Tension) के बीच परमाणु मुद्दे पर एक बार फिर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने जानकारी दी कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक उच्चस्तरीय राजनयिक प्रतिनिधिमंडल के साथ ओमान की राजधानी मस्कट पहुंच चुके हैं। यहां अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता की जाएगी।
बघाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि यह बातचीत पूरी अधिकारिता के साथ की जाएगी और इसका मकसद एक न्यायसंगत, सम्मानजनक और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समझौता करना है, जिससे ईरान के राष्ट्रीय हित सुरक्षित रह सकें।
उन्होंने कहा कि ईरान (Iran-America Tension) पिछले अनुभवों को नहीं भूला है, जिसमें समझौतों के उल्लंघन, सैन्य आक्रामकता और बाहरी हस्तक्षेप शामिल रहे हैं। इसके बावजूद तेहरान कूटनीति के जरिए शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए हर मौके का इस्तेमाल करना चाहता है।
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बघाई ने यह भी कहा कि पड़ोसी और क्षेत्रीय मुल्कों ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सकारात्मक भूमिका निभाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका भी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ वार्ता में शामिल होगा। विदेश मंत्री अराघची ने बताया कि अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे मस्कत में होगी। उन्होंने ओमान सरकार का व्यवस्थाओं के लिए आभार जताया।
गौरतलब है कि ईरान ने पहले इस बैठक का स्थान इस्तांबुल से बदलकर ओमान करने का अनुरोध किया था, ताकि बातचीत केवल परमाणु मुद्दे पर केंद्रित रहे। अंतरराष्ट्रीय सियासत के इस घटनाक्रम का असर वैश्विक बाजारों पर पड़ेगा, क्योंकि तेल आपूर्ति और पश्चिम एशिया की स्थिरता से जुड़े फैसले पूरे इलाके को प्रभावित करते हैं।
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गौरतलब है कि अमेरिका ईरान को परमाणु कार्यक्रम बंद करने को कह रहा है। इसके लिए वह ईरान को युद्ध की धमकी दे रहा है। जबकि, ईरान का पहले से ही कहना है कि वह संपूर्ण विनाश वाले हथियार नहीं बनाएगा। ईरानी सुप्रीम लीडर सैयद आयतुल्लाह अली खामनाई ने कहा है कि परमाणु बम बनाना हराम (प्रतिबंधित) है।




