News Bee: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स नौसेना ने कहा है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर उसकी पूरी और चौबीसों घंटे खुफिया निगरानी (Iran America Tension) बनी हुई है। नौसेना कमांडर अलीरेज़ा तंगसीरी ने बताया कि यह निगरानी समुद्र की सतह, हवा और पानी के नीचे हर स्तर पर की जा रही है, ताकि इस अहम समुद्री रास्ते से सुरक्षित आवाजाही (Iran America Tension) सुनिश्चित हो सके।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहे नौसैनिक अभ्यास के दौरान उन्होंने कहा कि इस मार्ग की सुरक्षा से क्षेत्रीय देशों के साथ-साथ कई अन्य देशों की अर्थव्यवस्थाएं जुड़ी हुई हैं। उन्होंने फारस की खाड़ी और हॉर्मुज क्षेत्र में मौजूद ईरानी द्वीपों को देश का सम्मान बताते हुए उन्हें अभेद्य किले जैसा करार दिया।
कमांडर ने कहा कि ये अभ्यास हर साल होते हैं, लेकिन इस बार नए तरीके और आधुनिक सैन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया गया है। कुछ नई क्षमताओं को मीडिया के जरिए दिखाया जा रहा है, जबकि कई जानकारियां फिलहाल गोपनीय रखी गई हैं।
आईआरजीसी नौसेना के अनुसार, अभ्यास के पहले चरण में तेज प्रतिक्रिया देने वाली विशेष टुकड़ियों ने आक्रामक और रक्षात्मक अभ्यास किए। नए मिसाइल सिस्टम के साथ इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के माहौल में अभ्यास हुआ। इसके अलावा ड्रोन और पानी के नीचे काम करने वाली इकाइयों ने ग्रेटर टुंब, लेसर टुंब और अबू मूसा द्वीपों से तय लक्ष्यों पर कार्रवाई की।
मुख्य अभ्यास अगले चरण में हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जारी रहेगा, जहां इस रणनीतिक समुद्री रास्ते के स्मार्ट नियंत्रण पर ध्यान दिया जाएगा।
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यह सैन्य गतिविधि ऐसे समय में हो रही है, जब संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से ईरान को लेकर कड़े बयान सामने आए हैं। अमेरिका ने क्षेत्र में अपने युद्धपोत भेजे हैं, जबकि तेहरान ने चेतावनी दी है कि उस पर किसी भी तरह का हमला हुआ तो जवाब बेहद कड़ा होगा। यह खबर अंतरराष्ट्रीय राजनीति के साथ-साथ झारखंड के पाठकों के लिए भी वैश्विक सुरक्षा हालात को समझने के लिहाज से अहम है।




