NewsBee : तेहरान ने अमेरिका की पूर्व हाउस स्पीकर Nancy Pelosi के उस बयान की कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने ईरान की अर्थव्यवस्था को और “पंगु” करने की बात कही थी, ताकि आम ईरानी नागरिकों को “दर्द महसूस हो।” (Iran America Tension)
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आम नागरिकों को जानबूझकर पीड़ा देना, राजनीतिक दबाव (Iran America Tension) बनाने का सीधा तरीका है।
उन्होंने लिखा, “नागरिकों पर दर्द और कष्ट थोपना आतंकवाद की पाठ्यपुस्तक परिभाषा है। ऐसा सोचने वाला मानसिकता केवल अहंकारी और अमानवीय हो सकती है।”
‘मानवता के खिलाफ अपराध’ करार
बघाई ने आगे कहा कि कानूनी दृष्टि से यह बयान अमेरिका की उस “सुनियोजित नीति” का सबूत है, जिसमें नापसंद देशों की जनता को दंडित किया जाता है। उनके अनुसार, यह आचरण मानवता के खिलाफ अपराध की श्रेणी में आता है।
नैंसी पेलोसी ने यह टिप्पणी जर्मनी में आयोजित Munich Security Conference के दौरान की थी। उन्होंने ईरान में “रेजिम फॉल” के लिए और कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की वकालत की।
विशेषज्ञों और पत्रकारों की प्रतिक्रिया
राजनीतिक विश्लेषक Trita Parsi ने इसे “जुबान फिसलना” मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह अमेरिकी प्रतिबंध नीति की पुरानी सोच को दर्शाता है। वहीं पत्रकार Aaron Maté** ने सवाल उठाया कि “एक देश का नेता दूसरे देश के आम नागरिकों को पीड़ा देने का अधिकार कैसे जता सकता है?”
पहले भी आ चुके हैं ऐसे बयान
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी प्रतिबंध आम जनता के खिलाफ सामूहिक दंड हैं। पिछले महीने विश्व आर्थिक मंच की बैठक में अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने माना था कि प्रतिबंधों का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है। यह बैठक स्विट्जरलैंड के Davos में World Economic Forum के तहत हुई थी। इससे पहले 2018 में अमेरिका के तत्कालीन विदेश मंत्री Mike Pompeo ने भी कहा था कि अगर ईरानी अधिकारी चाहते हैं कि उनके लोगों को खाना मिले, तो उन्हें अमेरिका की बात माननी होगी।
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यह अंतरराष्ट्रीय विवाद भारत सहित झारखंड के पाठकों के लिए भी अहम है, क्योंकि वैश्विक राजनीति का असर अंततः ऊर्जा, व्यापार और आम जनजीवन तक पहुंचता है।




