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पूर्वी सिंहभूम के नए डीसी मंजूनाथ भजंत्री और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे में रहा है 36 का आंकड़ा, निशिकांत के खिलाफ दर्ज करा चुके हैं 37 एफआईआर

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम के नए डीसी मंजूनाथ भजंत्री और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे में 36 का आंकड़ा रहा है। डीसी मंजूनाथ भजंत्री इसके पहले देवघर के डीसी थे। तभी से उनके और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के बीच रार शुरू हुई थी। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और भाजपा नेता मनोज तिवारी समेत नौ लोगों पर देवघर एयरपोर्ट में सुरक्षा में चूक के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद राज्य का सियासी पारा चढ़ गया था। इन नेताओं पर आरोप था कि उन्होंने देवघर एयरपोर्ट में नाइट टेक ऑफ लैंडिंग की सुविधा नहीं होने के बावजूद जबरन क्लीयरेंस लिया और एटीसी में जबरन प्रवेश किया। इस मामले पर गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने ट्विटर पर लिख कर डीसी मंजूनाथ भजंत्री पर निशाना साधा था। इसके बाद, मंजूनाथ भजंत्री ने भी ट्विटर पर इसका जवाब दिया था। बाद में झारखंड हाईकोर्ट से निशिकांत दुबे और मनोज तिवारी को राहत मिली थी। आईआईटी मुंबई से बीटेक स्नातक करने वाले एक साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि के मंजूनाथ भजंत्री झारखंड कैडर के 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। साल 2020 के अंत में झारखंड में सेवा में लौटने से पहले उन्होंने केंद्र सरकार के तहत रेल राज्य मंत्री के निजी सचिव और नीति आयोग के उपाध्यक्ष सहित विभिन्न पदों पर काम किया है।
साल 2021 में मधुपुर उपचुनाव के दौरान शुरू हुई थी तनातनी
झारखंड लौटने के बाद जब उनकी देवघर के उपायुक्त के तौर पर तैनाती हुई तभी से गोड्डा के सांसद निशीकांत दुबे ने उनको निशाने पर ले लिया। बताते हैं कि निशीकांत दुबे और डीसी के बीच तनातनी अप्रैल 2021 में मधुपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के दौरान शुरू हुई थी। इस चुनाव के दौरान मंजूनाथ भजंत्री ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखा था। इसमें आरोप लगाया गया था कि निशीकांत दुबे ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। इसके बाद अक्टूबर 2021 में झारखंड के मुख्य चुनाव अधिकारी ने चुनाव आयोग को सूचना दी थी कि मंजूनाथ भजंत्री के आदेश पर सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन समेत अन्य मामलों में 5 एफआईआर दर्ज की गई थी। सांसद निशिकांत दुबे ने डीसी मंजूनाथ भजंत्री की चुनाव आयोग और केंद्र में शिकायत की थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने झारखंड के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मंजूनाथ भजंत्री के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। ट्विटर पर सांसद निशिकांत दुबे ने लिखा था कि डीसी मंजूनाथ भजंत्री झामुमो के एजेंट हैं। इस मामले में भी एपआईआर हुई थी। बाद में चुनाव आयोग ने डीसी मंजूनाथ भजंत्री को हटा दिया था। उनकी जगह नैंसी सहाय देवघर की डीसी बनी थीं। लेकिन, उपचुनाव के बाद झारखंड सरकार ने डीसी मंजूनाथ भजंत्री को फिर देवघर का डीसी बनाया था।
देश के सर्वश्रेष्ठ डीसी साबित हुए थे मंजूनाथ भजंत्री, गृह मंत्री ने दिया था अवार्ड
डीसी मंजूनाथ भजंत्री एक प्रतिष्ठित अखबार इंडियन एक्सप्रेस द्वारा दिए जाने वाले एक्सीलेंस इन गवर्नेंस अवॉर्ड्स के लिए भी चुने गए थे। इंडियन एक्सप्रेस के इस कार्यक्रम में गृहमंत्री अमित शाह ने डीसी मंजूनाथ भजंत्री को अपने हाथों से यह अवार्ड 17 जनवरी साल 2023 को दिया था। दरअसल डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने देवघर में जनहित के काफी काम किए थे। उन्होंने पर्यावरण की रक्षा के लिए थर्माकोल से बने पत्तल पर बैन लगा दिया था। इससे देवघर के स्थानीय कामगारों को काफी काम मिला। दोने और पत्तल बिकने लगे। डीसी मंजूनाथ भजंत्री कामगारों के बीच जाते थे और उनके साथ बैठ कर दोना और पत्तल बनाने लगते थे। डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने देवघर मार्ट नामक एक वेबपोर्टल भी शुरू किया था। इसके जरिए देवघर के कामगारों की कारीगरी पूरे देश के सामने आई थी और हस्तशिल्प की मांग देश ही नहीं विदेशों से भी आने लगी थी।
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