Jamshedpur (Jharkhand) : दलमा वन्य जीव अभयारण्य में पर्यटन को नई रफ्तार देने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग ने पांच नई जंगल सफारी ( Dalma Eco Tourism)की सौगात दी है। शनिवार को पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और ईचागढ़ की विधायक सविता महतो ने इन सफारी गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शुरुआत के मौके पर आसपास के स्कूलों के बच्चों को सफारी (Dalma Eco Tourism) के जरिए दलमा की सैर कराई गई, जिससे उनमें प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़े।
पहले से मौजूद चार सफारी के साथ अब कुल नौ जंगल सफारी संचालित होंगी। प्रत्येक सफारी में 10 पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था है, यानी अब एक साथ 90 लोग दलमा के जंगलों और वन्यजीवों का आनंद ले सकेंगे। एक सफारी का किराया ₹2800 निर्धारित किया गया है।
पर्यटकों की बढ़ती आमद
डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि सफारी के जरिए पर्यटकों को अभयारण्य के अंदरूनी हिस्सों तक ले जाया जाता है, जहां वे हाथी समेत कई दुर्लभ वन्यजीवों को करीब से देख सकते हैं। दलमा में लगातार पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है, जिससे स्थानीय पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिल रहा है।
30 आधुनिक कॉटेज का निर्माण
पर्यटन मंत्री ने जानकारी दी कि मकुलाकोचा और पिंडराबेड़ा गांव के पास 15-15 कॉटेज का निर्माण कराया जाएगा। ये कॉटेज आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे ताकि पर्यटक आरामदायक ठहराव का आनंद ले सकें।
दो मंजिला तिकोना डिजाइन
वन विभाग के अनुसार, बनने वाले कॉटेज तिकोना डिजाइन में होंगे। निचली मंजिल पर पैंट्री, बैठक और सभागार, जबकि ऊपरी मंजिल पर बेडरूम की व्यवस्था होगी। कम खर्च में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने पर खास जोर रहेगा।
पर्यटन विभाग की इस पहल से दलमा क्षेत्र में ईको-टूरिज्म को नई पहचान मिलने की उम्मीद है और झारखंड के पर्यटन मानचित्र पर दलमा की चमक और बढ़ेगी।




