News Bee : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अमेरिकी सशस्त्र बलों ने “अपहृत” कर देश से बाहर ले जाया (America Venezuela Tension) है। ट्रंप के अनुसार, सत्ता के “सुरक्षित, उचित और न्यायोचित” हस्तांतरण तक अमेरिका वेनेजुएला का अंतरिम संचालन करेगा।
फ्लोरिडा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि उनके प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी अंतरिम अवधि में वेनेजुएला की जिम्मेदारी संभालेंगे ( America Venezuela Tension) । उन्होंने विदेश मंत्री मार्को रूबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिकी उपस्थिति पहले से मौजूद है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार तड़के कराकस समेत कई इलाकों में अमेरिकी सेना ने नागरिक और सैन्य ठिकानों पर समन्वित हमले किए। ट्रंप का दावा है कि इन हमलों के बाद मादुरो दंपती को अमेरिकी युद्धपोत से न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां उन पर आपराधिक मुकदमे चलेंगे।
वेनेजुएला सरकार ने इन हमलों को संप्रभुता पर सीधा सैन्य आक्रमण बताया है और कहा है कि इसका मकसद देश के तेल व खनिज संसाधनों पर कब्जा जमाना है। कराकस ने राष्ट्रीय आपातकाल लागू करते हुए पूर्ण रक्षा तैयारियों की घोषणा की है और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा का अधिकार जताया है।
इसी बीच, ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल उद्योग में “बहुत मजबूत भूमिका” निभाएगा। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी बयान देकर कहा कि “चोरी किया गया तेल लौटाया जाना चाहिए।” ऊर्जा संस्थानों के अनुसार, वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है।
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इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तीखी बहस छेड़ दी है। भारत के संदर्भ में, झारखंड समेत देशभर में राजनीतिक विश्लेषक और ऊर्जा विशेषज्ञ इस संकट के वैश्विक तेल बाजार पर असर का आकलन कर रहे हैं।




