Jamshedpur : झारखंड में कुड़मी समाज के “रेल टेका डोहोर छेका” आंदोलन का असर शनिवार को पूरे रेल यातायात (Jamshedpur Rail News)पर दिखा। चक्रधरपुर रेल मंडल में 12 ट्रेनें रद्द कर दी गईं और कई ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया गया। आंदोलनकारियों ने रेलवे ट्रैक (Jamshedpur Rail News) पर उतरकर प्रदर्शन किया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
ट्रेन संचालन बुरी तरह प्रभावित
हावड़ा–मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों की रफ्तार थम गई।
* हटिया–बर्द्धमान मेमू, टाटानगर–गुवा मेमू (दो जोड़ी), हटिया–खड़गपुर एक्सप्रेस, हटिया–आसनसोल एक्सप्रेस, रांची–पटना एक्सप्रेस, रांची–पटना वंदे भारत एक्सप्रेस, रांची–दुमका एक्सप्रेस और भोजूडीह–चंद्रपूरा मेमू सहित कई ट्रेनें रद्द कर दी गईं।
* कुर्ला–हावड़ा, गीतांजलि एक्सप्रेस और थाने–सांकरैल–भिवंडी स्पेशल को टाटानगर के बजाय सीनी–कांडरा–चांडिल–आद्रा–मेदिनीपुर–खड़गपुर मार्ग से गुजारा गया।
* 21 ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोक दिया गया और कई को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया।
यात्रियों को बस सुविधा
रेलवे ने टाटानगर, आदित्यपुर और आसपास के यात्रियों के लिए कांड्रा से बस सुविधा उपलब्ध कराई, ताकि वे अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
भारी पुलिस बल की तैनाती
सरायकेला-खरसावां जिले के सोनी रेलवे स्टेशन पर हजारों महिला–पुरुषों ने ट्रैक पर बैठकर नारेबाजी की। प्रशासन ने धारा 144 लागू की, लेकिन आंदोलनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। सोनी स्टेशन पर 350 से अधिक पुलिस और आरपीएफ जवान तैनात किए गए हैं।
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आंदोलनकारियों की मांग
कुड़मी समाज की प्रमुख मांगें —
1. झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अनुसूचित जनजाति (ST) की सूची में शामिल किया जाए।
2. कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान मिले।
आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, रेल रोको–सड़क घेरो आंदोलन जारी रहेगा।




