NewsBee: दोहा में आयोजित अरब-इस्लामिक सम्मेलन की तैयारियों के दौरान क़तर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने कहा कि इज़रायल द्वारा दोहा पर हुआ हमला ( Israeli Attack On Qatar)राज्य प्रायोजित आतंकवाद है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि अब समय आ गया है जब इज़रायल को उसके अपराधों ( Israeli Attack On Qatar) के लिए सज़ा दी जाए और दोहरे मापदंड को खत्म किया जाए।
प्रधानमंत्री अल थानी ने कहा कि 9 सितंबर को दोहा में हमास नेताओं पर किया गया हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। इस हमले में हमास के पांच सदस्य और क़तर के एक सुरक्षा अधिकारी की मौत हो गई थी। हालांकि शीर्ष हमास नेता इस हमले में बच निकले।
उन्होंने कहा कि यह हमला केवल तनाव कम करने की कोशिशों को बाधित करने का काम करेगा। इसके बावजूद क़तर, मिस्र और अमेरिका के साथ मिलकर ग़ाज़ा युद्ध को रोकने की मध्यस्थता जारी रखेगा।
मंगलवार को इज़रायल ने दोहा के आवासीय इलाके पर मिसाइल दागी थी, जहां हमास नेता ग़ाज़ा युद्धविराम पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे थे। इस घटना की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से निंदा की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इज़रायल लगातार युद्ध को विस्तार दे रहा है और हर बार युद्धविराम प्रस्तावों को ठुकरा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि फ़िलिस्तीनी जनता को उनके वतन से जबरन बाहर करने की इज़रायल की योजना कभी सफल नहीं होगी।
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सम्मेलन में शामिल देश इस हमले की निंदा करेंगे और क़तर की संप्रभुता की रक्षा के उपायों का समर्थन करेंगे। अल थानी ने ज़ोर देकर कहा कि इज़रायल के इस क़दम पर सख़्त और ठोस कार्रवाई जरूरी है।
ग़ाज़ा में चल रहे युद्ध में अक्टूबर 2023 से अब तक 64,871 से अधिक फ़िलिस्तीनी, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, मारे जा चुके हैं।




