NewsBee : इज़राइली वॉरप्लेन ने कतर की राजधानी दोहा में हमास (Hamas) के मुख्यालय पर एयरस्ट्राइक (Israeli Attack) की। इस हमले को इज़राइली मीडिया ने “असैसिनेशन ऑपरेशन” बताया है। जानकारी के मुताबिक, जिस समय हमला हुआ, उस वक्त हमास के शीर्ष नेता अमेरिकी प्रस्तावित सीजफायर (Ceasefire) पर चर्चा कर रहे थे।
इज़राइली सेना ने बयान जारी कर पुष्टि की कि यह हमला (Israeli Attack) हमास के वरिष्ठ नेतृत्व को निशाना बनाकर किया गया। इज़राइली चैनल 13 ने दावा किया कि हमास नेता खलील अल-हैया और वेस्ट बैंक ब्यूरो प्रमुख जाहेर जाबरीन बैठक में मौजूद थे। वहीं रिपोर्ट्स के अनुसार लंबे समय से इज़राइल के निशाने पर रहे खालिद मिशल भी उस मीटिंग में शामिल थे।
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हमले में बच गए वरिष्ठ नेता, 6 की मौत
हमास ने बयान जारी कर इस हमले को “घृणित अपराध” और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। संगठन ने पुष्टि की कि वरिष्ठ नेता सुरक्षित हैं, लेकिन पांच सदस्य मारे गए— जिनमें जिहाद लाबाद (खलील अल-हैया के दफ्तर निदेशक), हमाम अल-हैया (खलील के पुत्र), अब्दुल्ला अब्दुल वहिद, मौमेन हस्सौना और अहमद अल-ममलूक शामिल हैं। इसके अलावा, क़तरी सुरक्षा अधिकारी बदर साद मुहम्मद अल-हमीदी की भी मौत हो गई।
कतर ने सुरक्षा पर उठाया सवाल
कतर ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अपनी संप्रभुता और सुरक्षा पर हमला बताया। क़तर के विदेश मंत्रालय ने कहा— “यह हमला न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है, बल्कि क़तर की सुरक्षा पर सीधा खतरा है।”
अमेरिका और इज़राइल की मिलीभगत?
हमास ने आरोप लगाया कि इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू शांति प्रयासों को नाकाम करना चाहते हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस हमले को अप्रत्यक्ष सहमति दी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इज़राइल ने दोहा पर हमला करने से पहले ट्रंप से “ग्रीन सिग्नल” लिया था।
हमास की प्रमुख मांगें
हमास ने दोहराया कि उनकी शर्तें नहीं बदली हैं—
* युद्ध का तत्काल अंत,
* गाज़ा से इज़राइली सेना की पूर्ण वापसी,
* न्यायपूर्ण कैदी अदला-बदली,
* गाज़ा पुनर्निर्माण में सहयोग।
संगठन ने दोहराया कि उनकी लड़ाई स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य की स्थापना और यरुशलम (Al-Quds) को राजधानी बनाने के लिए जारी रहेगी।




